सिद्धार्थनगर: विकास कार्य में सरकारी धन का बंदरबांट, डीएम के निर्देश पर ग्राम प्रधान और सचिव पर लटकी कार्रवाई की तलवार

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सिद्धार्थनगर: जिले के विकासखंड शोहरतगढ़ अंतर्गत महदेवा नानकार गांव में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और बंदरबांट का गंभीर मामला सामने आया है। ड्रेनेज निर्माण के नाम पर कागजों में बजट ठिकाने लगाने का आरोप सिद्ध होने के बाद जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है।

ड्रेनेज निर्माण के नाम पर धांधली

ग्राम पंचायत में जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज निर्माण का बजट स्वीकृत किया गया था। आरोप है कि संबंधित जिम्मेदारों ने जमीनी स्तर पर आधा-अधूरा काम कराकर पूरा भुगतान उठा लिया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद जब जांच की गई, तो धांधली की परतें खुलती चली गईं।

कागजों में हुआ काम, धरातल पर अधूरा निर्माण: ग्रामीणों का कहना है कि मानक के विपरीत घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और बजट की भारी रकम का आपस में बंदरबांट कर लिया गया।

शिकायत के बाद प्रशासन में हड़कंप: मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचते ही हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में अनियमितता के पुख्ता संकेत मिले हैं।

डीएम शिवशरणप्पा जीएन का कड़ा रुख

मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है:

  • जांच अधिकारी नामित: खंड विकास अधिकारी (BDO) को निष्पक्ष जांच के लिए अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • नोटिस जारी: ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगते हुए जवाब-तलब किया गया है।

प्रशासन की चेतावनी: “सरकारी धन का गबन करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों से रिकवरी के साथ-साथ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”