भारत-नेपाल सीमा पर अब चौबीसों घंटे रहेगी पैनी नजर, 68 किमी खुले क्षेत्र में हाईटेक निगरानी की तैयारी

निज़ाम अंसारी

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले में सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता और हाईटेक बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। करीब 68 किलोमीटर लंबे खुले सीमा क्षेत्र की निगरानी के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) अत्याधुनिक ‘सीमा प्रबंधन प्रणाली’ (Integrated Border Management System) लागू कर रहा है।

इस नई व्यवस्था के तहत आधुनिक तकनीक और संवेदनशील उपकरणों के सहारे 24 घंटे सीमा पर निगरानी रखी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह शिकंजा कसना और वैध यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना है।

एकीकृत नियंत्रण केंद्र से जुड़ेंगे सुरक्षा बल

एसएसबी के सहायक कमांडेंट (खुनुवां) नितेश के अनुसार, नई प्रणाली के अंतर्गत पूरे सीमा क्षेत्र को एक एकीकृत नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र (Integrated Command & Control Centre) से जोड़ा जाएगा।

  • थर्मल इमेजिंग और नाइट विजन: रात के अंधेरे, तेज बारिश और घने कोहरे के दौरान भी निगरानी को प्रभावी बनाए रखने के लिए थर्मल इमेजिंग और नाइट विजन कैमरे स्थापित किए जाएंगे।

  • आभासी सुरक्षा घेरा (Virtual Fencing): सीमा के जिन दुर्गम इलाकों या नदी-नालों के पास तारबंदी (Fencing) संभव नहीं है, वहां हलचल का पता लगाने के लिए विशेष सेंसर और आभासी सुरक्षा घेरा विकसित किया जाएगा।

  • तत्काल अलर्ट सिस्टम: किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही सुरक्षा बलों को तुरंत डिजिटल अलर्ट प्राप्त होगा।

ड्रोन और डिजिटल डेटाबेस से होगी निगरानी

दुर्गम इलाकों, जंगलों और तराई के दलदली क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए मानवरहित विमान (UAV) और आधुनिक ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही, सीमा पार बार-बार आवाजाही करने वाले संदिग्ध लोगों का डिजिटल और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में आसानी होगी।

तस्करों और अवैध घुसपैठ पर लगेगा कड़ा अंकुश

इस नई प्रणाली के क्रियान्वयन से मानव तस्करी, मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी, हथियारों की अवैध आपूर्ति और जाली भारतीय मुद्रा (Fake Currency) के कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी। इसके अतिरिक्त, तीसरे देशों के नागरिकों द्वारा अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के प्रयासों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

आम यात्रियों को राहत, त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा सख्त करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वैध दस्तावेजों के साथ यात्रा करने वाले आम नागरिकों को कोई अनावश्यक परेशानी न हो।

स्वचालित सूचना प्रणाली के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई दल (Quick Reaction Team – QRT) को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। तराई क्षेत्र की विषम परिस्थितियों को देखते हुए सीमा चौकियों पर बैकअप बिजली व्यवस्था और हाई-स्पीड संचार सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।