धरती पर पौधा होने का अर्थ है जीवन अमृत होना
📅 Published on: July 9, 2022
kapilvastupost reporter
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर शनिवार को पौधारोपण एवं स्वच्छता जागरण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्यनियन्ता प्रोफेसर दीपक बाबू तथा मीडिया व जनसंपर्क अधिकारी एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला प्रमुख डॉ अविनाश प्रताप सिंह ने पीपल, बेल और अन्य औषधीय पौधों का रोपण किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी पौधारोपण कर स्वच्छता अभियान में भागीदारी की। प्रोफेसर दीपक बाबू ने कहा की प्रत्येक व्यक्ति को इस धरती पर पौधा लगाना चाहिए तथा लगे हुए पौधों का संरक्षण अपने परिवार के सदस्यों की तरह ही करनी चाहिए। जितना अधिक वृक्ष होंगे उतना ही स्वस्थ यह जगत होगा। मीडिया एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ अविनाश प्रताप सिंह ने कहा कि पौधारोपण को सामाजिक अभियान के रूप में चलाने की महती आवश्यकता है।
आज के इस भौतिकवादी युग में धरती पर पौधा होने का अर्थ है जीवन अमृत होना। जीवन में स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा दोनों के लिए स्वस्थ और औषधि पौधे महत्वपूर्ण है। यह बेहद संतोष का विषय है कि आज विद्यार्थी भी पौधों और वृक्षों के महत्व को समझ रहे हैं और पौधारोपण के इस महा अभियान का हिस्सा बन रहे हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का मानव हित एवं राष्ट्रहित का यह अभियान अनुकरणीय है। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सह जिला संयोजक आकर्ष त्रिपाठी एवं प्रियांशू त्रिपाठी सहित छात्र पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


