📅 Published on: March 24, 2023
👍691 रोगियों को मेडिकल कॉलेज ने लिया गोद
kapilvastupost reporter
सिद्धार्थनगर। टीबी मरीजों को खोज कर इलाज के जरिए स्वस्थ बनाने में कोई भी व्यक्ति मददगार हो सकता है। इसके लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान है। अगर कोई गैर सरकारी व्यक्ति नये टीबी मरीज की सूचना देता है और जांच के बाद टीबी की पुष्टि होती है तो ऐसे सूचनादाता को 500 रुपये देने का प्रावधान है।
यह बातें डीएम संजीव रंजन ने विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में कहीं। उन्होंने कहा कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज 691 रोगियों को गोद लिया है। जिले को टीबी मुक्त बनाने का यह प्रयास सराहनीय है। गोष्ठी से पूर्व स्वास्थ्य कार्मियों ने सीएमओ कार्यालय से लेकर साड़ी तिराहे तक जनजागरूकता रैली निकाली।
मुख्य चिकित्सकाधिकारी डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2025 तक टीबी का उन्मूलन तभी संभव है जब सरकारी प्रयासों के साथ गैर सरकारी प्रयास भी जुड़ जाएं। यही वजह है कि अगर कोई निजी चिकित्सक भी नये टीबी मरीज को खोज कर सिस्टम से जोड़ता है तो उसे सूचनादाता के तौर पर 500 रुपये दिये जाते हैं। ऐसे मरीज का इलाज पूरा हो जाने पर चिकित्सक को 500 रुपये और भी दिये जाते हैं।
इसके अलावा टीबी मरीज को दवा खिलाने वाले ट्रीटमेंट सपोर्टर को भी मरीज के ठीक होने पर 1000 रुपये देने का प्रावधान है। अगर ट्रीटमेंट सपोर्टर ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के मरीज को दवा खिलाता है और मरीज ठीक हो जाता है तो 5000 रुपये देने का प्रावधान है। ट्रीटमेंट सपोर्टर की भूमिका आशा कार्यकर्ता के अलावा कोई गैर सरकारी व्यक्ति भी निभा सकता है ।
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने कहा कि विश्व क्षय रोग दिवस की थीम है हां हम टीबी को हरा सकते हैं। इस थीम का अनुसरण कर टीबी उन्मूलन में सभी को सहभागी बनना है। दो सप्ताह से अधिक की खांसी टीबी हो सकती है ।
अगर खांसी की समस्या एचआईवी ग्रसित, मधुमेह ग्रसित, शराब या धूम्रपान करने वाले, जोखिम वाले स्थान जैसे ईंट भट्ठों पर कार्य करने वालों को दो सप्ताह से अधिक है तो टीबी की आशंका है। ऐसे सभी लोगों को टीबी की जांच अवश्य करानी चाहिए।
इस दौरान जिला समन्वयक पंकज त्रिपाठी ने टीबी के बारें में विस्तार से जानकारी दी। गोष्ठी का संचालन जिला पीपीएम समन्वयक सतीश मिश्रा ने किया। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. डीके चौधरी, उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल, फिरोज, वीरेंद्र प्रताप पुरी आदि मौजूद रहे।