मौलाना गयासुद्दीन सल्फी की मौत, मुस्लिम समाज के लिए अपूर्णिय क्षति

– बड़ी मुश्किल से होती है चमन दीद और दावर पैदा – मौलान अहमद हुसैन फैजी व मौलान अब्दुल आखिर मक्की

जाकिर खान

सिद्धार्थनगर । हिन्दुस्तान के विख्यात और
सुप्रसिद्ध मुस्लिम स्कालर , इस्लाम के एक मशहूर विद्वान , थाना चिल्हिया अंतर्गत प्रतिष्ठित विद्यालय जामिया दारूल उलूम शिशहनिया के अरबी और उर्दू के अनुभवी शिक्षक मौलाना गयासुद्दीन सल्फी का निधन/ इन्तेकाल जनपद सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित मोहल्ला पिठनी खुर्द के तेतरी सोहास रोड पर स्थित मकान मे सोमवार को प्रातः घर पर हो गया है । सल्फी साहब के मौत से गावं क्षेत्र , जिला जवार सभी जगहों पर चाहने वालों मे हैरानी व स्तब्ध हैं ।

मरहूम सल्फी साहब जनपद सिद्धार्थनगर सदर तहसील नौगढ़ अन्तर्गत कोतवाली लोटन बाजार के ग्राम पंचायत कौलपुर ग्रांट मैनहवा के स्थाई निवासी थे । पेशे से इस्लामिक कालेज मे उर्दू अरबी के अनुभवी शिक्षक होने एवं बच्चों के अच्छे विद्या/ शिक्षा आदि के लिए जिला मुख्याल पर विगत के सालों से उक्त पते पर घर मकान बनाकर निवास करते थे ।

विदित हो कि मैलाना सल्फी की
मौत की खबर से सामूचे जनपद , प्रदेश ,देश और पड़ोसी मुल्क नेपाल आदि मे मातम फैल गया । लोग स्तब्ध हैं । अभी तो कल मिले थे । सलाम कलाम हुआ था । फला की निकाह मौलाना ने पढ़ी थी । निकाह व शादी मे एक साथ खाना खाया था । तरह तरह की चर्चाए उनके अपने चाहने वालों द्वारा किया जा रहा है ।

मौलाना अहमद हुसैन फैजी और मलाना अब्दुल आखिर मक्की ने संयुक्त रूप से बताया कि इस्लाम के लिए बहुत बड़ा झटका है मौलाना सल्फी कि अचानक मौत । सदर तहसील के कूड़ा घोघी के बीच के रहने वाले लाल , दोस्त और सच्चे साथी व इस्लाम के चिराग बुझा है । उन्होंने आगे कहा कि बड़ी मुश्किल से होती है चमन दीद और दावर पैदा । मौत पर गम नही ।लेकिन अचानक मौत पर थोड़ा सा गम जरूर है ।अल्लाह साथी सल्फी को जन्नत के आला मकाम मे रखे । अल्लाह से बस यही इल्तजा है हमारी ।

आगे उन्होंने कहा सल्फी साहब अंतरारष्ट्रीय स्तर के प्रतिभा शाली , प्रखर वक्ता , बुद्धिजीवी और महान आलिम थे । उनके मौत से समाज और मुस्लिम समुदाय का अपूर्णीय क्षति हुइ है । उनकी कौमी एकता और सामाजिक समरसरता के प्रवचनों के आधार पर उनकी खिदमत के लिए उन्हे हमेशा याद किया जायेगा ।

सल्फी साहब एक बेहतरीन मोदब्बीर ,मुमताज ,मुफ़क्कीर , और उम्मते मुस्लिमा के लिए बहुत दर्द मंद थे । सल्फी साहब हमेशा अपने ज्ञान और विचार का लोहा मनवाया। ऐसे महान विद्वान कि मृत्यु मुस्लिम समाज के लिए एक बहुत बड़ी क्षति कि । जिसकी भरपाई नही कि जा सकती ।

परिजनों ने बताया कि मौलाना की जनाजे की नमाज उक्त पैतृक गाव कौलपुर ग्रांट मैनहवा मे साम 5:45 बजे पढ़ने का समाय सीनिश्चित हुआ है । अधिक से अधिक् लोग नमाज – ए – जनाजा मे सम्मिलित होने कि अपील कि गई है । अल्लाह मौलाना सल्फी साहब को अपने अम्नो अमान रखे । और जन्नतुल फिर दौश मे जगह अता फरमाए ।