📅 Published on: April 26, 2024
kapilvastupost
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतों का संज्ञान लिया। आयोग ने कहा, यह पार्टी अध्यक्षों की जिम्मेदारी है कि वे स्टार प्रचारकों से मर्यादा में भाषण देने को कहें और उनके बयानों की जिम्मेदारी लें।
अधिकारियों ने कहा कि यह पहली बार है जब आयोग ने किसी प्रधानमंत्री के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत का संज्ञान लिया हो। आयोग ने दोनों पार्टी प्रमुखों को नोटिस जारी कर 29 अप्रैल तक जवाब देने के लिए कहा है।
भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा को लिखे पत्र में आयोग ने 21 अप्रैल को बांसवाड़ा में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई टिप्पणियों के संबंध में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भाकपा (एमएल) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों पर उनसे सोमवार तक जवाब देने को कहा।
इन शिकायतों में मोदी के उन आरोपों का हवाला दिया गया कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति को मुसलमानों में बांटना चाहती है। विपक्षी दल महिलाओं के मंगलसूत्र को भी नहीं बख्शेगा।
वहीं, भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस समाज के कमजोर वर्गों की कीमत पर मुस्लिम तुष्टिकरण का एजेंडा चला रही है। आयोग ने नड्डा से कहा, वह पार्टी के स्टार प्रचारकों से आदर्श आचार संहिता का अक्षरश पालन करने को कहें।
भाजपा की शिकायत – भाजपा ने आयोग को लिखे पत्र में कहा कि केरल में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और भयावह आरोप लगाए। कोयंबटूर में पीएम पर भाषा और परंपरा पर हमले का आरोप लगाया। खड़गे पर भी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया।
कांग्रेस का आरोप – कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर बांसवाड़ा में विभाजनकारी और मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला भाषण देने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा, पीएम जो भाषा इस्तेमाल कर रहे वह आदर्श आचार संहिता, सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों के खिलाफ है।
शिकायती पत्र का हवाला
आयोग ने भाजपा-कांग्रेस अध्यक्षों को लिखे पत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी या पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया है। हालांकि, चिट्ठियों में उन शिकायतों को संलग्न किया है, जिनमें आरोपों का ब्योरा है।