सिद्धार्थ नगर – बढ़नी ब्लाक के  बसहिया गाँव के कोटेदार द्वारा ई-केवाईसी के नाम पर वसूली, विकलांग परिवार को राशन के लिए लगाया चक्कर

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विकास खण्ड बढनी अंतर्गत ग्राम बसहिया गांव के कोटेदार पर ई-केवाईसी के नाम पर ग्रामीणों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। कोटेदार द्वारा गरीब और जरूरतमंद ग्रामीणों से ई-केवाईसी कराने के नाम पर अतिरिक्त बीस रुपये मांगे जा रहे हैं, जिससे गांव में आक्रोश फैल गया है। विशेष रूप से विकलांग परिवारों को इस स्थिति का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें अपने हक का राशन लेने के लिए बार-बार चक्कर लगवाया जा रहा है।

तहसील प्रशासन से शिकायत

गांव के विकलांग परिवार महेन्द्र पुत्र प्रभु ने बताया कि कोटेदार उन्हें हर बार राशन लेने से पहले ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने का बहाना बनाकर वापस भेज देता है। परिवार के पास सीमित साधन हैं, और बार-बार चक्कर लगाने से उनकी हालत और भी खराब हो गई है। उनके माँ बाप बहुत बुजुर्ग अवस्था में हैं उनके पास न तो अतिरिक्त पैसे हैं और न ही इतना समय कि वे हर बार कोटेदार की मांग पूरी कर सकें। महेन्द्र ने इसकी लिखित बयान हलफी लगाकर शिकायत की है |

गांव के कई अन्य ग्रामीणों ने भी कोटेदार पर ई-केवाईसी के नाम पर 20 रुपये प्रति यूनिट  वसूलने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन कार्ड से जुड़े काम मुफ्त में होने चाहिए, लेकिन कोटेदार अपनी मनमानी करते हुए गरीबों का शोषण कर रहा है। जिन लोगों के पास पैसे नहीं होते, उन्हें राशन लेने के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।

गांव के लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब और विकलांग लोगों के साथ हो रही इस अन्यायपूर्ण वसूली को रोका जाए और कोटेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अवैध वसूली के खिलाफ ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र निषाद से कहा सुनी आक्रोश

बसहिया गांव के कोटेदार द्वारा ई-केवाईसी के नाम पर की जा रही अवैध वसूली ने गरीब ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विकलांग परिवार और अन्य जरूरतमंद लोग कोटेदार की मनमानी के कारण अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। प्रशासन को जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप कर, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ग्रामीणों को उनका हक मिल सके।

बसहिया गांव में कोटेदार द्वारा ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली और विकलांग परिवारों को परेशान किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर तहसील प्रशासन और ग्राम प्रधान की तीखी झड़प हो गई। कोटेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग को लेकर जब ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे, तो आपूर्ति विभाग की निष्क्रियता और देरी को लेकर नाराजगी बढ़ गई, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

ग्राम प्रधान ने प्रशासन से मांग की है कि कोटेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और उसकी मनमानी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी को भी अपने हक के राशन के लिए परेशान न होना पड़े। विकलांग परिवार और गरीब ग्रामीणों के लिए विशेष सहायता की भी मांग की जा रही है।