📅 Published on: September 8, 2024
niyamtullah khan
सिद्धार्थनगर शारदा तिवारी पुत्र स्व: केदार तिवारी निवासी काशीराम आवास ब्लॉक न0 26 जगदीशपुर थाना व जनपद सिद्धार्थनगर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर से मिलकर ज्ञापन देकर आरोप लगाया है। कि हमारी बहु प्रियंका तिवारी को जिला अस्पताल में दिनांक 03- 09- 2024 को भर्ती कराया था।
दिनांक 04- 09- 2024 को 12:00 pm को नॉर्मल डिलीवरी से बच्ची पैदा हुई थी। डिलीवरी के पश्चात जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ थे। बच्ची पैदा होते समय पूर्ण स्वस्थ थी। कुछ देर बाद अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा कहा गया कि बच्ची को दिक्कत है, आई0सी0यू0 में शिफ्ट करना पड़ेगा।
परिजन आई0सी0यू0 में लेकर गए,परिजनो ने आरोप लगाया कि वहां के डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरती गई,जिसके चलते हमारी बच्ची की तबीयत खराब होने लगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर नम्रता और डॉक्टर मुकेश अग्रहरी के ड्यूटी के दौरान उन्हीं के देखरेख में सारी लापरवाही बरती गई।
ऑक्सीजन की कमी बताकर मुंह में पाइप लगा दिए। पाइप लगाने के बाद तुरंत बच्चे के मुंह से खून निकलने लगा। और बच्चे की तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर नम्रता और डॉक्टर मुकेश अग्रहरी कहे कि अब हम इलाज नहीं करेंगे,अपनी बच्ची को लेकर जाओ,परिजनो के विरोध करने के बाद डॉ0 धमकी देने लगे।
उसके बाद बच्ची के परिजनों ने बच्ची को लेकर गोरखपुर के लिए निकल गए। लेकिन बरगदवा पहुंचते पहुंचते हमारी नवजात मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर आरोप लगाया की उन्होंने हम लोगों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया है,इन लोगों के लापरवाही के चलते हमारी नवजात बच्ची की जान गई है।
पीड़ित परिजनो ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग किया है कि दोषी दोनों डॉक्टरों के खिलाफ जांच करके आपके द्वारा कठोर कार्यवाही की जाए,तभी बच्ची के मृतक आत्मा को शांति मिलेगी। बच्ची के परिजनों ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि दोषी डॉक्टरों के खिलाफ जांच करके कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करने की कृपा करें। जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके।