📅 Published on: September 18, 2024
kapilvastupost
सिद्धार्थ नगर जनपद के क़स्बा शोहरतगढ़ में बीती रात 17 सितम्बर की शाम को गणेश पूजा के दौरान रखी गयी एक मूर्ती का रास्ता बदलकर ले जाने का बताया जा रहा है | जिस कारण से मोहल्ले के लोगों ने भारी विरोध दर्ज कराया | स्थानीय पुलिस और मोहल्ले वालों के बीच तीखी बहस के दौरान थानाध्यक्ष मोहल्ले के लोगों को धमकाते हुवे देखे जा रहे हैं मूर्ती को ले जाने से रोक नहीं पाओगे |
भारी पुलिस फोर्स के बीच अपरम्परागत मूर्ती को अपरम्परागत मार्ग से निकाला गया जिसके लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा |
गाँधी नगर में स्थापित दोनों नयी और अवैध मूर्तियों को लेकर हर वर्ष होता रहा है विरोध
नगर पंचायत शोहरतगढ़ के क़स्बा गाँधी नगर में पहली बार 2019 में गणेश मूर्ति स्थापित की गयी तभी से इन अवैध मूर्तियों को लेकर विरोध जारी है इन अपरम्परागत मूर्तियों के रखे जाने से लगातार विरोध जारी है इसके बावजूद जिला प्रसाशन और स्थानीय प्रसाशन इन मूर्तियों को हटवा नहीं पाया है |
2019 में गाँधी नगर में राधिका देवी के घर स्थापित गणेश मूर्ती को भारी विरोध के चलते तत्कालीन सी ओ सुनील कुमार सिंह , थानाध्यक्ष अवधेश राज सिंह , एस आई विक्रम अजित राय ने मौके पर पहूंचकर उसे हटवाया |
उसके बाद मूर्ती नहीं रखी गयी 2023 में फिर एक बार मूर्ती रख ली गयी और उसे गाँधी नगर में बने नाले के रास्ते से निकाल लिया गया पिछली बार भी मुसलमानों के ऐतराज को दरकिनार किया गया |
इस वर्ष 2024 में भी फिर से दोनों अवैध मूर्तियों को स्थापित किया गया और राधिका देवी के यहाँ स्थापित गणेश मूर्ति को गाँधी नगर में बने नाले से होकर न ले जाकर अल्पसंख्यक बहुल बस्ती से जबरदस्ती पुलिस सुरक्षा के बीच मूर्ती को लाया गया जिस कारण से पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा तनाव के बीच भारी पुलिस बल के दस्ते को किसी अनहोनी के डर से तैनात करना पड़ा |
सूत्र बताते हैं कि राधिका देवी के घर पर स्थापित मूर्ति को ले जाते समय कुछ लोगों ने थानाध्यक्ष को गुमराह किया और मूर्ति का रास्ता बदलकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों से ले जाने पर विवाद बढ़ गया |
बताते चलें कि वर्ष 2015 इस नए नवेले त्यौहार को एक मूर्ती के सहारे खड़ा किया गया और धीरे धीरे इसका हिन्दू बहुल इलाकों में विस्तार किया गया मुस्लिम समुदाय की तरफ से किसी प्रकार विरोध नहीं दर्ज किया गया | उसके बाद विस्तार के क्रम में मिक्स आबादी वाली जगहों पर स्थापित किया जाने लगा जिस कारण लोगों के बीच विरोध बढ़ रहा है |
गाँधी नगर में स्थापित गणेश मूर्ति मुहर्रम के जुलूस मार्ग पर भी पड़ता है यह एक बड़ा कारण है आने वाले भविष्य में और टकराव देखने को मिल सकते हैं |
पुलिसिया एक्शन के कारण बढ़ा विवाद
जैसा कि विडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि रास्ते को लेकर जिस तरह से पुलिस प्रशासन को गुमराह किया गया जिसको प्रशासन को देखना चाहिए था मुस्लिम नेताओं से संपर्क कर बस्तु स्थित को जानकर फैसला नहीं लेना बड़े कारण रहे हैं इस विवाद के |
बढ़ते विरोध में 2025 में इन अवैध मूर्तियों का भविष्य क्या होगा
बढ़ते विवाद और वर्तमान पुलिसिया कार्यवाही से अब अल्प संख्यक समुदाय के लूग्न में चिंता की लकीरें खींचने लगी है सवाल उठने लगे हैं कि क्या आगे आने वाले गणेश विसर्जन के दौरान भी इन अवैध मूतियों को स्थापित किया जायेगा और क्या पुलिस प्रसाशन एक बार फिर से जबरदस्ती इसी मार्ग से अपनी ताकत का अहसास कराएगी |
पुलिस प्रशासन धनबल संख्याबल के दबाव में चलेगा या संविधान और कानून के सम्मत काम करेगा
वहीं घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिसिया कार्यवाही का लगातार विरोध हो रहा है उनका कहना है कि जब इस रास्ते से कभी मूर्ती गयी ही नहीं तो क्यों ले जाया गया | लोगों का कहना है हमारी राजनीती में कोई हिस्सेदारी नहीं है मुस्लमान किसी भी बड़े पद पर आसीन नहीं है ऐसी स्थित में हमारे संवैधानिक अधिकारों को बचाने का जिम्मा पुलिस प्रशासन पर ही डिपेंड है तो क्या हमारे अधिकारों को ऐसे ही कुचला जायेगा | कानून से बाहर क्यों हुवे थानेदार |
पुलिसिया कार्यवाही से दुखी मोहल्ले वालों ने जिले के डी एम और एस पी से मामले में दखल देने और शांतिपूर्ण मसले के हल के लिए बैठक बुलाकर हल करने की सिफारिश की है|