📅 Published on: October 19, 2024
ग्राम प्रधान रघुनाथ चौधरी की हो रही सराहना – हादसे की सूचना पर प्रधान परिवार के लोगों ने सैकड़ों लोगों के लिए खाना पहुंचाया
Nizam Ansari
बढ़नी, सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के चरगहवा पुल के समीप शुक्रवार शाम को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई , 5 लोगों को गंभीर अवस्था में गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर किया गया और 40 से अधिक लोग घायल हो गए।
तुलसीपुर से विकास खंड बढ़नी के ग्राम मोहनकोला को जा रही बस Up55 t 8702अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सड़क से नीचे गहरे तालाब में पलट गई।
बस में करीब 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से कुछ देवीपाटन मंदिर तुलसीपुर से मुण्डन समारोह से लौट रहे थे।
हादसा उस समय हुआ जब शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहनकोला निवासी खदेरू शर्मा अपने बेटे का मुण्डन संस्कार करवाकर परिवार के साथ शुक्रवार शाम घर लौट रहे थे।
इस दौरान, बढ़नी में दैनिक मजदूरी करने वाले 50 वर्षीय मंगनीराम अपनी साइकिल से खुरहुरिया जा रहे थे। जब मंगनीराम ने चरगहवा पुल पार = किया और आगे बढ़े, तभी सामने से तेज़ रफ्तार में आ रही बस को देखकर वह घबरा गए और साइकिल से नियंत्रण खो बैठे। उन्हें बचाने के प्रयास में बस चालक भी बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे बस पुल की रेलिंग तोड़कर सड़क के किनारे पलट गई।
हादसे में 14 वर्षीय अजय शर्मा, निवासी मोहनकोला, और 50 वर्षीय मंगनीराम, निवासी खुरहुरिया sahit ek any की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी पर जिलाधिकारी , पुलिस कप्तान सहित शोहरतगढ़ तहसील प्रशासन व ढेबरूवा एस ओ मौके पर पहुंच राहत बचाव कार्य सुरु हुवा।
इस भीषण दुर्घटना में करीब 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल पीएचसी बढ़नी अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने तीन से चार एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने तुरंत सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। राहत कार्य तेजी से किया गया, जिससे कई घायलों की जान बचाई जा सकी। एसएसबी के जवानों और पुलिस कर्मियों ने मिलकर घायलों को बस से बाहर निकाला |
तीन घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जिले के आला अधिकारी डटे रहे । D m D RAJA GANPATI R ने मामूली रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर जाने के लिए बसे उपलब्ध करवाई और भोजन की भी व्यवस्था के आदेश दिए।