ग्राम प्रधान जफर आलम द्वारा सरकारी स्कूल में बेंच की व्यवस्था से शिक्षा को नई दिशा देने की पहल

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ग्राम पंचायत रमवापुर खास के सरकारी स्कूल में ग्राम प्रधान द्वारा छात्रों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था कराई गई है। यह कदम न केवल बच्चों की पढ़ाई के माहौल को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि पहले छात्रों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी, जिससे पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती थी। नई बेंच की व्यवस्था से बच्चों की एकाग्रता और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल रहा है।

एक छात्रा के अभिभावक ने कहा, “ग्राम प्रधान द्वारा की गई यह पहल बहुत सराहनीय है। इससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा और वे स्कूल जाने के लिए अधिक प्रेरित होंगे।”

ग्राम प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा ही विकास की कुंजी है और बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में स्कूल के अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और बच्चों का भविष्य उज्जवल बनेगा। यह कदम अन्य ग्राम प्रधानों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।

इस दौरान जफ़र ने कहा आज यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि कंपोजिट विद्यालय गनेशपुर एवं प्राथमिक विद्यालय अलीदापुर में सभी क्लास रूम में बच्चों को बैठने के लिए बेंच लगाया गया है।

आज बच्चों के चेहरे पर जो मुस्कुराहट देखा बहुत खुशी हुई और बच्चों से अपील भी किया कि सभी बच्चे खूब मेहनत से पढ़ाई करें और अपने माता-पिता के नाम को रोशन कर के ग्राम पंचायत का भी नाम रोशन करें ।

अंत में सभी बच्चों ने वादा भी किया कि हम और मेहनत से पढ़ाई करेंगे और अपने माता-पिता के साथ साथ अपने गुरुजनों और अपने गांव का भी नाम रोशन करेंगे। बेंच लगने से बच्चों के साथ साथ सभी गुरुजन भी काफी खुश नजर आ रहे थे।

मास्टर राम किशुन गुप्ता, मास्टर आलोक श्रीवास्तव, मास्टर अविनेश कुमार, मास्टर घनश्याम शुक्ल, मास्टर राजेश चौरसिया, मास्टर विजय बहादुर, मास्टर अर्पित पटेल, सफाई कर्मचारी गण, पंचायत सहायक कृष्ण मोहन गिरी की गरिमामई उपस्थिति रही।

बचे हुए विद्यालय में भी मेरा प्रयास रहेगा कि वहां भी यही व्यवस्था दूं। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन शिक्षा प्रणाली देने के लिए जितना भी कर सकता हूं मैं शत-प्रतिशत योगदान करता रहूंगा।

और अंत में मैं अपने सभी सम्मानित शिक्षक गण को भी धन्यवाद देना चाहता हूं कि सभी शिक्षक गण बेहतरीन शिक्षा दे रहे हैं। मैं हमेशा अपने शिक्षक गणों का आभारी रहूंगा।