📅 Published on: December 12, 2024
kapilvastupost
बांसी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सिंचाई विभाग के कारनामे भी अजीब हैं। कहीं सिल्ट सफाई के नाम पर टेंडर निकाल कर कागजों में ही साफ हो जाती है तो कहीं विभागीय अधिकारियों के नाक नीचे से ही सफाई की गई सिल्ट रातों रात गायब हो जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार सरयू नहर खण्ड प्रथम बांसी के अंतर्गत मुख्य शाखा और मिठवल रजवाहा, बाजारडीह माइनर की सहित तमाम माइनरों की सफाई जोरो शोरो से चल रही जिस कारण से अभी तक किसानों को गेहूं सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं हो सका है लेकिन सबसे मजेदार बात यह है कि सिल्ट सफाई के बाद पटरी पर सिल्ट या मिट्टी नजर आना चाहिए लेकिन नहर के पचारी हेड और बाजारडीह हेड को छोड़ कहीं भी मिट्टी नजर नहीं आती। ऐसे में सवाल उठता है सच में नहर की सिल्ट सफाई हो रही या फिर मात्र कागजों में ही लीपापोती कर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा?
और अगर सफाई हो रही तो फिर मिट्टी पटरी पर नजर आनी चाहिए लेकिन स्थानीय लोगों की माने तो दिन में जेसीबी से सफाई कार्य होता है और वही मिट्टी रात को खनन माफियाओं द्वारा बेंच दिया जा रहा।
लोगो ने नाम न छपने की शर्त पर कहा कि नहर सफाई के नाम पर खनन माफियाओं द्वारा जमकर मिट्टी खनन कर काफी ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा क्योंकि इस समय सभी खेतों में बुवाई हो चुकी है और खनन करने वालों को कहीं मिट्टी मिल नहीं रही इसी बीच नहर खुदाई शुरू होना खनन माफियाओं की चांदी है।
हालांकि सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार ये कार्य क्षेत्र में हमेशा चलता रहता है लेकिन मजाल नहीं कि कोई कार्यवाही हो सके।
इस सम्बन्ध में अधिशाषी अभियंता सरयू नहर खण्ड प्रथम बांसी से संपर्क करना चाहा लेकिन उनका फोन नॉट रीचेबल होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।
फिलहाल देखना यह है कि वर्तमान तेज तर्रार जिलाधिकारी महोदय इस मामले पर क्या कार्यवाही करते हैं।