📅 Published on: January 29, 2025
kapilvastupost
बांसी, सिद्धार्थनगर: बांसी के उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) द्वारा नागरिकों की जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में लापरवाही बरतने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी संविधान और कानून की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे आम लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
मामला बांसी तहसील के नगर पालिका बांसी के शाश्त्री नगर का बताया जा रहा है जहाँ एक निवासी के पुश्तैनी भूमि पर डॉक्टरों का सरकारी आवास बनाया जा रहा है |
नागरिकों का कहना है कि जब भी वे अवैध निर्माण की शिकायत लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचते हैं, तो उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह रवैया संविधान में दिए गए संपत्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन की निष्क्रियता भारत के भूमि अधिग्रहण और संपत्ति अधिकारों से जुड़े कानूनों के विरुद्ध है। इससे न केवल आम नागरिकों की संपत्ति खतरे में पड़ रही है, बल्कि सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि बांसी में प्रशासन की निष्क्रियता एक तरह से भारतीय नागरिकों के लिए उसी तरह का खतरा पैदा कर रही है, जैसा ट्रंप शासन में भारतीय प्रवासियों को झेलना पड़ रहा है
न्याय की मांग, डी एम राजा से हस्तक्षेप की अपील
स्थानीय लोगों ने डी एम से मांग की है कि एसडीएम की निष्क्रियता की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए। प्रशासन इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई करें पिछले एक सप्ताह से अधिकारीयों से लगातार प्रार्थना पात्र देकर अवैध निर्माण रोकवाने कि अपील कर रहे हैं|
एक सप्ताह बाद भी नागरिकों को उनकी पुस्तैनी भूमि का सीमांकन कराकर कब्ज़ा नहीं दिया गया है |
डोनाल्ड ट्रंप के प्रवासी भारतीयों पर कानून से जोड़ा जा रहा मामला
मामले को लेकर एक नई बहस भी छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि यह स्थिति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति के कारण प्रवासी भारतीयों को पीड़ा सहनी पड़ रही है समय से पहले ही अपने बच्चे को जन्म दे रही हैं |