सिद्धार्थ नगर – प्रशासन की दोहरी नीति: बढ़नी में अवैध कब्जा हटाया, लेकिन बांसी में नागरिकों की जमीन पर कब्जा जारी ,राजा को नहीं रहा प्रजा का ध्यान

गुरु जी की कलम से  

सिद्धार्थनगर: जिले में प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां बढ़नी में प्रशासन ने अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटवाया, वहीं बांसी में नागरिकों की जमीन पर अवैध कब्जा होने दिया जा रहा है।

बढ़नी में चला बुलडोजर, बांसी में प्रशासन मौन

बढ़नी में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त अभियान चलाया। लेकिन दूसरी ओर, बांसी में स्थानीय नागरिक प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

कानून सबके लिए बराबर क्यों नहीं?

नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन चुनिंदा कार्रवाई कर रहा है। जब बढ़नी में अवैध कब्जा हटाया जा सकता है, तो बांसी में लोगों की निजी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है?

संविधान और न्याय की अनदेखी

आमजन में चर्चा है कि प्रशासन का यह रवैया संविधान और भूमि अधिग्रहण कानूनों का उल्लंघन है। यदि बांसी में लोगों की जमीन पर कब्जा हो रहा है और प्रशासन चुप है, तो यह कानून के विपरीत कार्रवाई , न्याय कि हत्या क्यों ?

नागरिकों की मांग – समान कार्रवाई हो

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बढ़नी की तरह बांसी में भी निष्पक्ष कार्रवाई हो और नागरिकों की जमीन पर अवैध कब्जा हटाया जाए। डी एम डॉ राजा गणपति आर से न्याय की भीख मांग रहे हैं |

पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाया गया:

विकास खंड बढनी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जियाभारी में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया था। अब्दुल रशीद नामक व्यक्ति ने गाटा संख्या 217/0.0980 पर खाद गड्ढे की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था।

जियाभारी गांव में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की। अब्दुल रशीद द्वारा किए गए अवैध निर्माण को पुलिस की मौजूदगी में हटाया गया।

बुधवार दिनांक 29 जनवरी 2025 को जियाभारी गांव में राजस्व निरीक्षक अवधेश सिंह, लेखपाल सुनील सिंह, प्रदीप शुक्ल सहित ढेबरुआ थाने की पुलिस एवं एसएसबी के जवानों की उपस्थिति में जेसीबी से अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई की गई।