📅 Published on: January 29, 2025
अकीदतमंदो ने किया नौहां-मातम, आयोजित हुई मरसिया मजलिस
amir rizvi
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के क़स्बा हल्लौर में सफरे इमाम हुसैन की याद मे (28 रजब) को अलम , जुलजनाह और अमारी का परम्परागत जुलूस निकाला गया। जिसमे शिया अजादारो ने मरसिया मजलिस और नौहा मातम किया।जुलूस देर शाम कर्बला पर पहुंचकर समाप्त हो गया।
हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम अपने नाना हजरत मोहम्मद मुस्तफा के दीने इस्लाम की हिफाज़त के लिए नवासे ने मदीने से कर्बला के लिए 28 रजब को अपने कुनबे के साथ कर्बला के लिए रवाना हुए थे। उसी की याद में बुधवार की दोपहर 3 बजे
हल्लौर स्थित हुसैनिया रबाब से मातमी जुलूस निकाला गया।
जिसमे अलम व अमारी और ज़ुलजनाह की शबीह बरामद किया गया। सबसे पहले हुसैनिया रबाब में मजलिस हुई जिसे ज़ाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर कर्बलाई ने पढ़ा उसके बाद जुलूस निकाला गया। जुलूस जब दरगाह चौक पर पंहुचा वहाँ पर
भी मरसिया मजलिस हुई।मर्सियाख्वानी हैदरे कर्रार और उनके हमनवा ने की।
मजलिस को ज़ाकिरे अहलेबैत अज़ीम हैदर क़िबला ने ख़िताब किया। उसके बाद जुलूस नौहा मातम करते हुए दरगाह हज़रत अब्बास पंहुचा वहां से जुलूस जन्नतुलबकी से होकर कर्बला पंहुचा और वही पर जुलूस ख़त्म हो गया।