डॉक्टर ऑफ़ द मंथ – चर्चा में आज होम्योपैथी से साइटिका दर्द का प्राकृतिक और स्थायी समाधान – डॉ के ए खान के साथ

होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति साइटिका के दर्द को जड़ से ठीक करने में सहायक हो सकती है। यह प्राकृतिक और सुरक्षित दवाओं जैसे Colocynthis, Rhus Toxicodendron, Magnesia Phosphorica आदि के माध्यम से नसों की सूजन और दर्द को कम करती है। मरीज के लक्षणों के अनुसार दवा चयन कर, होम्योपैथी लंबे समय तक राहत देने में कारगर होती है। नियमित उपचार के साथ सही जीवनशैली और व्यायाम अपनाने से साइटिका से स्थायी छुटकारा पाया जा सकता है।

साइटिका आमतौर पर नसों में सूजन होने के कारण होती है या फिर नसों के दब जाने से रक्तस्राव प्रतिबंधित होने लगता है जिस वजह से  मरीज को बहुत तेज दर्द होने लगता है बीमारी पर चर्चा के लिए  आज हमारे बीच मौजूद हैं होम्योपैथी चिकित्सक डॉ के ए खान से डॉ खान कई दशकों से होम्योपैथी चिकित्सा से मरीजों का इलाज करने में माहिर माने जाते है |

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डॉ साहब सबसे पहले पाठक यह जानना चाहते हैं कि साइटिका क्या है ?

साइटिका (Sciatica) एक स्थिति है जिसमें पीठ के निचले हिस्से से लेकर पैर तक दर्द, जलन या झनझनाहट महसूस होती है। यह आमतौर पर सायटिक नर्व (sciatic nerve) पर दबाव पड़ने के कारण होता है। होम्योपैथिक चिकित्सा में साइटिका के लिए कुछ प्रभावी दवाएँ दी जाती हैं, जो रोगी के लक्षणों और प्रकृति के आधार पर चुनी जाती हैं।

साइटिका का कारण जानने के लिए डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और संभावित कारणों (जैसे हर्निएटेड डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस, मांसपेशियों में खिंचाव) पुरानी चोट [और मरीज की दिनचर्या ] की जांच कर सकते हैं।

डॉ साहब मरीज को कब पता चलता है कि उसे साइटिका हुवा है इसके क्या लक्षण हैं ?

देखिये आमतौर पर साइटिका कमर के निचले हिस्से से लेकर पैर कि ऊंलियों तक होता है | सबसे पहले हम यह जानना चाहते हैं या मरीजों से पूछते हैं  क्या दर्द एक पैर में ज्यादा है या दोनों में? क्या दर्द खड़े होने, बैठने या लेटने पर बढ़ता या घटता है? जलन, सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होती है या नहीं?

इसके अलावा क्या कोई पुरानी बीमारी या अन्य समस्याएँ हैं? – जैसे गठिया, मधुमेह, मोटापा, या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएँ आदि की जानकारी के आधार पर तय करते हैं |

क्या इलाज के अलावा कोई लाइफस्टाइल सुधार या एक्सरसाइज की भी जरूरत पड़ती है ?

जी हाँ फिजीकल फिटनेस होना हर मरीज के लिए आवश्यक होता है  डॉक्टर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, योग और सही पोस्चर [ उठने ,बैठने झुकने और सोने के तरीके ]  बनाए रखने की सलाह दे सकते हैं।

क्या होम्योपैथी पद्दति से इलाज पूरी तरह सुरक्षित है?

होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को बढ़ाकर बीमारी का जड़ से समाधान करती है। इसकी दवाएँ अत्यंत पतले प्राकृतिक तत्वों से बनाई जाती हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय कर संतुलन स्थापित करती हैं।

यह रोग के लक्षणों के आधार पर व्यक्तिगत उपचार प्रदान करती है, जिससे बिना किसी दुष्प्रभाव के धीरे-धीरे और स्थायी रूप से राहत मिलती है। होम्योपैथी साइटिका सहित विभिन्न तंत्रिका संबंधी रोगों में प्रभावी सिद्ध होती है।

होम्योपैथी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है, लेकिन किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

बताते चलें कि डॉ के ए खान एक होम्यो पैथिक चिकित्सक हैं जो बढ़नी से सटे ढेकहरी चौराहे पर स्टार हेल्थ एवं होम्यो रिसर्च केयर के नाम से अपनी क्लिनिक चलाते हैं |