गांव के लोगों के साथ जीवित होने का प्रमाण लेकर पहुंचा रामललन, पिता पर जमीन हड़पने का लगाया आरोप

परमात्मा उपाध्याय की रिपोर्ट

शोहरतगढ़। तहसील क्षेत्र के सिरसिया मिश्र निवासी रामललन ने सोमवार को एसडीएम राहुल सिंह के समक्ष अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत किया। उन्होंने स्वयं का प्रमाणपत्र और गांव के कई लोगों के शपथ पत्र देकर दावा किया कि वह पूरी तरह जीवित हैं और उनके पिता तोखाई ने साजिश के तहत उन्हें मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़प ली है।

मामला क्या है?

शनिवार को समाधान दिवस के दौरान रामललन ने चिल्हिया थाने में शिकायती पत्र देकर डीएम व एसपी से गुहार लगाई थी कि उन्हें गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वह अपने पिता तोखाई की पहली पत्नी के पुत्र हैं। उनकी मां ने अपने जीवनकाल में अपने हिस्से की जमीन उनके नाम वरासत करवाई थी।

इसके बाद जब वे अपने परिवार सहित मुंबई चले गए, तो उनके पिता ने पहले उनकी मां का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया और फिर रुपये के बल पर प्रशासन में हेरफेर कर उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।

रामललन का आरोप है कि उनके पिता ने इस साजिश के तहत न्यायालय में वाद दायर कर जमीन अपने नाम करवा ली। उन्होंने डीएम डॉ. राजा गणपति आर. से न्याय की गुहार लगाई थी, जिस पर डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

गांव वालों के साथ पेश हुए रामललन

सोमवार को रामललन तहसील पहुंचे और अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत किया। उन्होंने गांव के दर्जनों लोगों के शपथ पत्र भी एसडीएम राहुल सिंह को सौंपे, जिसमें यह पुष्टि की गई कि वे पूरी तरह जीवित हैं और तोखाई की पहली पत्नी के पुत्र हैं।

इस मामले में एसडीएम राहुल सिंह ने कहा कि पीड़ित के पिता के नाम जमीन तहसीलदार कोर्ट के आदेश के चलते दर्ज हुई थी।

लेकिन अब रामललन द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाणों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

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