आर्यकन्या इंटर कॉलेज में प्रायोगिक परीक्षा घोटाला? छात्रों के अंक कटौती और 500 रुपये वसूली पर मचा बवाल जनपद में दर्जन भर विद्द्यालयों में होती है वसूली प्रशासन को नहीं है फिकर

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बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के आर्यकन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बढ़नी में प्रायोगिक परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कक्षा 10 के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया है कि लिखित परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बावजूद उन्हें प्रायोगिक परीक्षा में मात्र 10 अंक (30 में से) ही दिए गए — वो भी हर विषय में एक समान।

छात्रों और उनके अभिभावकों का आरोप है कि यह स्कूल प्रशासन की मनमानी और भ्रष्ट रवैये का परिणाम है। मामले को और गंभीर बनाते हुए छात्रों ने यह भी दावा किया है कि विद्यालय ने प्रायोगिक परीक्षा में बैठने के लिए प्रति छात्र ₹500 की जबरन वसूली की।

लोगों ने डी एम और माध्यमिक शिक्षा परिषद से जांच की मांग
आक्रोशित छात्रों और उनके अभिभावकों ने इस पूरे प्रकरण को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि:

प्रायोगिक परीक्षा की सीसीटीवी फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर, और प्रोजेक्ट फाइलों की निष्पक्ष जांच की जाए।

छात्रों का कहना है कि किसी भी तरह की मूल्यांकन प्रक्रिया को विद्यालय ने पारदर्शी नहीं बनाया, और जानबूझकर कम अंक देकर छात्रों का भविष्य खराब करने की साजिश की गई।

अभिभावकों का आरोप: यह शिक्षा नहीं, शोषण है
अभिभावकों ने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि छात्रों से ₹500 जबरन लेकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अब उनके प्रदर्शन को कमजोर दिखाकर आगे की शिक्षा में बाधा खड़ी की जा रही है।

एक अभिभावक ने कहा: हमने बच्चों को पढ़ाने के लिए खून-पसीना बहाया है, और स्कूल प्रशासन पैसे वसूल कर भविष्य बर्बाद कर रहा है। यह शिक्षा नहीं, शोषण है।

शिक्षा जगत में उबाल, अब परिषद की चुप्पी सवालों में
इस घटना ने बढ़नी क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
विभिन्न सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और जिले के ईमानदार डी एम  से कठोर कार्रवाई की मांग की है।