बिग ब्रेकिंग न्यूज़ सिद्धार्थ नगर – बढ़नी रेलवे स्टेशन पर नेपाली किशोरी से दरिंदगी की कोशिश, दो रेलवे कर्मचारी को पुलिस ने उठाया

बढ़नी रेलवे स्टेशन पर किशोरी से दरिंदगी की कोशिश, एसएसबी की पैनी नजर से हुआ खुलासा दो रेलवे कर्मचारी गिरफ्तार, एएचटीयू ने शुरू की जांच, आरोपियों का काला इतिहास सामने आया

परमात्मा उपाध्याय / ओज़ैर खान

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी रेलवे स्टेशन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें नेपाल जाने की फिराक में निकली एक किशोरी के साथ दरिंदगी की कोशिश की गई। इस जघन्य घटना को एसएसबी की 50वीं वाहिनी ने अपनी पैनी निगाह से समय रहते उजागर कर दिया। मामले में अब तक दो रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

रविवार रात एक किशोरी और एक युवक नेपाल जाने के लिए बढ़नी रेलवे स्टेशन पहुंचे। सीमा बंद होने के बाद वे स्टेशन पर रुक गए। उसी रात स्टेशन पर तैनात दो रेलवे कर्मचारियों ने किशोरी को बहलाकर उसे गलत काम करने की कोशिश की। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने किशोरी से कुछ जेवर भी लूट लिए। इसके बाद किशोरी ने मामले की शिकायत की और एसएसबी की 50वीं वाहिनी ने सक्रियता दिखाते हुए जांच शुरू कर दी।

एसएसबी की त्वरित कार्रवाई
सोमवार सुबह एसएसबी के जवानों ने स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियां महसूस की और किशोरी से गहन पूछताछ की। किशोरी ने आरोपियों की पहचान की और पूरी घटना का खुलासा किया। इसके बाद एसएसबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने शुरू की जांच, एएचटीयू को सौंपा मामला ढेबरुआ पुलिसने आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट)को सौंपा है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुके हैं।

आरोपी का काला इतिहास

पुलिस की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी युवक खुद को आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स)का जवान बताकर लोगों को धमकाता था। वह रेलवे स्टेशन पर कई गोरखधंधों में लिप्त था। आरोप है कि उसने पहले भी एक भागी हुई लड़की को शिकार बनाकर उसका सोने का कड़ा लूटा था।

साथ ही, आरोपी ने हाल ही में नई पल्सर बाइक और नई कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल इस घटना में किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पहले रेलवे स्टेशन के शौचालय में काम करता था और दो-तीन साल में इतनी कमाई कर चुका था कि अब वह गाड़ी और नेटवर्क दोनों से लैस हो चुका था।

स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में लिप्त था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की निगरानी और सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।

एसएसबी की सक्रियता की सराहना

एसएसबी की 50वीं वाहिनी की सक्रियता और सतर्कता से ही इस अपराध का पर्दाफाश हुआ है। अगर एसएसबी के जवानों द्वारा गहन पूछताछ नहीं की जाती तो यह मामला उजागर नहीं हो पाता। एसएसबी की यह त्वरित कार्रवाई समाज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और पूरे सुरक्षा तंत्र की गुणवत्ता पर भरोसा बढ़ाती है।