बॉर्डर पर तस्करों की अब खैर नहीं! चौकी इंचार्ज अनिरुद्ध सिंह की मुस्तैदी से बढ़नी में कायम हुआ कानून का सख्त पहरा

चौकी इंचार्ज बढ़नी द्वारा जाम से जूझ रहे कस्बे की यातायात व्यवस्था का जिम्मा खुद से अपने जिम्मे लेकर कस्बा वासियों को जो राहत पहुंचा रहे हैं वह वास्तव में कबीले तारीफ है जिसकी सराहना पूरा कस्बा कर रहा है।

गुरु जी की कलम से

बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
बढ़नी चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक अनिरुद्ध सिंह इन दिनों अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सतर्कता और मृदुभाषी व्यवहार के चलते जनमानस के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। जब से उन्होंने चौकी की कमान संभाली है, इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तस्करी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। उनकी मुस्तैदी और प्रभावशाली कार्यशैली से तस्करों में खौफ का माहौल है।

बुधवार को अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में अनिरुद्ध सिंह की अगुवाई में एक अहम सफलता हाथ लगी। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के ग्राम मढनी रोड स्थित बॉर्डर से 6 बोरी पशुपति जिंक उर्वरक बरामद की गई, जिसे तस्करी के जरिए नेपाल ले जाया जा रहा था। यह बरामदगी मुकदमा अपराध संख्या NIL/2025 धारा 11 कस्टम अधिनियम बनाम अज्ञात के अंतर्गत दर्ज की गई है। बरामद उर्वरक को आगे की कार्रवाई हेतु कस्टम कार्यालय बढ़नी को सुपुर्द कर दिया गया है।

इस कार्यवाही में चौकी इंचार्ज के साथ हेड कांस्टेबल अदनान शेख और कांस्टेबल धीरेंद्र प्रताप सिंह की भूमिका भी सराहनीय रही।
अनिरुद्ध सिंह स्वयं बॉर्डर क्षेत्र में दिन-रात गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखते हैं। उनकी टीम की सतत सक्रियता से तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने में मदद मिल रही है।

इतना ही नहीं, अनिरुद्ध सिंह नगर की यातायात व्यवस्था सुधारने में भी लगे हुए हैं। उनकी सतर्क निगरानी से ट्रैफिक नियमों का बेहतर पालन हो रहा है और आमजन को सुगम यातायात सुविधा मिल रही है।

जनसेवा और सुरक्षा के प्रति उनका समर्पण उन्हें एक जिम्मेदार, लोकप्रिय और जनहितैषी पुलिस अधिकारी के रूप में स्थापित करता है। क्षेत्रीय जनता भी उनकी कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर आती है और ऐसे अफसर को देख पुलिस प्रशासन में भरोसा और विश्वास और गहरा हो रहा है।