📅 Published on: September 3, 2025
देश की व्यवस्था को लूट रहे अधिकारी कर्मचारी पानी वाला दाल खिलाकर बचाए गए पैसों से कार बड़े बड़े घर बैंक बैलेंस करते हैं यही तकदीर बन चुकी है देश की
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर: मंगलवार को शोहरतगढ़ क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परसिया में डीएम डॉ. राजागणपति आर के अचानक निरीक्षण से स्कूल की बदहाली और लापरवाही उजागर हो गई। स्कूली ड्रेस में न होने और भोजन की खराब गुणवत्ता को देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। इस मामले में, उन्होंने वार्डन और लेखाकार सहित आठ कर्मचारियों से जवाब मांगा है।
ड्रेस और जूते-मोजे न होने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान, डीएम ने कक्षा छह और सात की छात्राओं से बात की और उनकी उपस्थिति जाँची। उन्होंने देखा कि कई बच्चियाँ बिना स्कूल ड्रेस, जूते और मोजे के थीं। इस पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताई और संबंधित अध्यापिका को तुरंत बच्चों के लिए ड्रेस और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
भोजन की गुणवत्ता में भारी कमी, डीएम हुए नाराज
डीएम ने बच्चों के भोजन की गुणवत्ता भी जाँची। दोपहर के नाश्ते में उन्हें सूखी सब्जी, चावल और दाल मिली, लेकिन जब उन्होंने दाल को चखा, तो उसमें दाल की जगह सिर्फ पानी था। इसके अलावा, खाने के साथ रायता और सलाद न होने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। भंडार कक्ष में गंदगी मिलने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई।
आठ लोगों से मांगा गया स्पष्टीकरण
डीएम ने इस लापरवाही के लिए कड़ी कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी शोहरतगढ़, वार्डन नीलम चतुर्वेदी, मृदुलेश, रूबी यादव, सरिता, प्रीती जायसवाल, चन्दा कुमारी और लेखाकार विनय कुमार सिंह से तुरंत स्पष्टीकरण मांगा है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी आवासीय विद्यालयों के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।