तीन सीडीपीओ, तीन मुख्य सेविका और दो लिपिकों के वेतन पर रोक; औचक निरीक्षण में गैरहाजिर मिले

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। बाल विकास परियोजना कार्यालयों में लापरवाही और गैर-हाजिरी को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) साहब यादव ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को विभिन्न परियोजना कार्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान तीन बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), तीन मुख्य सेविका और दो कनिष्ठ लिपिक अनुपस्थित पाए गए। डीपीओ ने तत्काल प्रभाव से इन सभी आठ कर्मचारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है। इस कार्रवाई से परियोजना कार्यालयों और लिपिकीय संवर्ग में हड़कंप मच गया है।

ये रहे अनुपस्थित:

​डीपीओ साहब यादव ने निरीक्षण की शुरुआत बाल विकास परियोजना कार्यालय बढ़नी से की। यहाँ पर सीडीपीओ रवींद्र यादव 26 अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित मिले। मुख्य सेविकाओं में कविता तिवारी निरीक्षण के दिन, जबकि नाजिया खातून 3 अक्तूबर से 10 अक्तूबर तक गैरहाजिर पाई गईं। इसके अलावा, कनिष्ठ लिपिक गुरुदास सिंह भी अनुपस्थित थे।

​बाल विकास परियोजना कार्यालय इटवा के निरीक्षण में सीडीपीओ मंजूलता गौतम अनुपस्थित मिलीं। मुख्य सेविका कुसुमलता 9 और 10 अक्तूबर को गैरहाजिर थीं, और कनिष्ठ लिपिक दिवाकर साहनी भी अनुपस्थित पाए गए।

​वहीं, बाल विकास परियोजना कार्यालय भनवापुर के निरीक्षण में सीडीपीओ संजय गुप्ता भी अपने कार्यालय से नदारद थे।

​केवल बाल विकास परियोजना कार्यालय डुमरियागंज के निरीक्षण में सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। डीपीओ ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया है।