सीमावर्ती सिद्धार्थनगर में बड़ा खुलासा: कस्टम-SSB की छापेमारी में पत्रकारों से अभद्रता, अवैध व्यापार का संदेह गहराया

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा से सटे कपिलवस्तु थाना क्षेत्र के बजहां चौकी अंतर्गत मटियरिया में राज ट्रेडर्स पर कस्टम और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त टीम द्वारा की गई औचक जांच के दौरान हड़कंप मच गया। संदिग्ध व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में न केवल पत्रकारों के साथ अभद्रता और मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया, बल्कि बिना किसी स्पष्ट कार्रवाई के टीम को वापस लौटना पड़ा, जिससे सीमा क्षेत्र में अवैध व्यापार को लेकर संदेह और गहरा गया है।

जूता-चप्पल की खेप पर शक, बिल दिखाने के बाद लौटी टीम

​शनिवार, 11 अक्टूबर 2025 की शाम करीब चार बजे, एसएसबी बजहां प्रभारी पंकज सिंह और कस्टम विभाग के शारदा प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में टीम ने राज ट्रेडर्स पर घंटों चेकिंग की। दुकान पर एक पिकअप से जूता-चप्पल के बंडल उतारे जा रहे थे, जिनके नेपाल भेजे जाने का संदेह था। दुकान मालिक जितेंद्र ने जांच के दौरान इन सामानों के बिल प्रस्तुत किए।

एसएसबी के बीओपी बजहां प्रभारी पंकज सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कस्टम अधिकारियों ने दुकान खुलवाकर जूतों के बंडल के बिलों की जांच की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जांच के बावजूद टीम को बिना कोई बड़ी कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।

कवरेज कर रहे पत्रकारों से बदसलूकी, मोबाइल छीनने की कोशिश

​जांच की खबर कवर कर रहे पत्रकारों को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब दुकान मालिक जितेंद्र और उनके सहयोगियों ने उनके साथ न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि कवरेज रोकने के लिए मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया। कस्टम और एसएसबी अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित किया। पत्रकारों से हुई यह बदसलूकी अवैध गतिविधियों पर पर्दा डालने के प्रयास की ओर इशारा करती है।

राज ट्रेडर्स पर अवैध ‘गोदाम’ और माल ‘गायब’ होने का आरोप

​स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मटियरिया चौराहे पर राज ट्रेडर्स के नाम से एक कमरे में केवल बोर्ड लगा है, जबकि इसके साथ लगे तीन अन्य कमरों में चप्पल और कपड़ों का बड़ा गोदाम बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोज यहां 2 से 3 पिकअप माल आता है, लेकिन वह कहां और कैसे ‘गायब’ हो जाता है, यह समझ से परे है। लोगों का मानना है कि दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सही जांच हो तो माल आने-जाने के पुख्ता सबूत मिल सकते हैं। आरोप है कि सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर बाइक और साइकिल के माध्यम से यह सामान मौका मिलते ही नेपाल पहुंचा दिया जाता है।

किराना दुकान से भी नेपाल भेजे जा रहे हैं सामान?

​स्थानीय चर्चाएं यह भी बताती हैं कि राज ट्रेडर्स के मालिक की पकड़ीहवा में किराना सामान की भी एक बड़ी दुकान है। आरोप है कि यहां से छोटे बच्चों को काम पर लगाकर, साइकिल और बाइक से दिन-रात खाने-पीने का सामान नेपाल पहुंचाया जाता है। जानकारी के अनुसार, इस काम में करीब 20 से 22 लड़के लगे हुए हैं। खाने-पीने का सामान होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां अक्सर इस पर अधिक ध्यान नहीं देतीं, जिसका फायदा व्यवसायी उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस बात की चर्चा तेज है कि यदि इस पूरे प्रकरण की सही और निष्पक्ष जांच हो, तो सीमा क्षेत्र के अवैध व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिसमें कई अन्य दुकानें भी संलिप्त हो सकती हैं।