सिद्धार्थनगर: खाद की कालाबाजारी से किसान त्रस्त, 1350 की बोरी 1800 में बेचने का आरोप

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सिद्धार्थनगर (ककरहवा) | नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। यहां निबिहवा स्थित खाद दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत पर डीएपी (DAP) और यूरिया बेच रहे हैं, जिससे स्थानीय किसानों में भारी रोष है।

वायरल वीडियो ने खोली पोल

​मोहाना थाना क्षेत्र के भुजौली गांव के निवासी किसान गणपत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 24 सेकेंड के इस वीडियो में किसान ने अपना दर्द बयां किया है।

आरोप: किसान का कहना है कि निबिहवा स्थित एक उर्वरक की दुकान पर उनसे डीएपी के लिए 1800 रुपये वसूले गए।

बिल में हेराफेरी: हैरानी की बात यह है कि 1800 रुपये लेने के बावजूद, दुकानदार द्वारा बिल केवल 1350 रुपये (निर्धारित दर) का ही दिया गया।

सहकारी समितियों पर ताले, प्राइवेट दुकानों की मनमानी

​किसानों की इस मजबूरी के पीछे सबसे बड़ा कारण सरकारी व्यवस्था की लाचारी है:

समितियां बंद: ककरहवा सहकारी समिति पर पिछले 10 दिनों से ताला लटका हुआ है और खाद का आवंटन नहीं हुआ है।

किसानों की मजबूरी: सरकारी समिति से खाद न मिलने के कारण किसान प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर हैं।

मौके का फायदा: प्राइवेट दुकानदार किसानों की इस मजबूरी का फायदा उठाकर मुंह मांगी कीमत वसूल रहे हैं।

मामले के तूल पकड़ने पर जिला कृषि अधिकारी ने जांच की बात कही है।

बताते चलें कि सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद की किल्लत और कालाबाजारी किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। अब देखना यह होगा कि कृषि विभाग के आश्वासन के बाद इन दुकानदारों पर क्या कार्रवाई होती है।