📅 Published on: November 26, 2025
इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं को अनावश्यक दिक्कतें होंगी और ऐसा प्रतीत होता है कि जिनका नाम वर्ष 2003 से 2025 तक सूची में दर्ज है, उनका नाम भी मतदाता सूची से कट सकता है।”
— सैय्यदा खातून, विधायक, डुमरियागंज
नियमतुल्लाह खान
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र की विधायक सैय्यदा खातून ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को एक पत्र भेजकर मतदाता सूची (Electoral Roll) और गणना प्रपत्र (Calculation Form) के अपलोडिंग में हो रही गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने मांग की है कि मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए ताकि मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
2003 से 2025 तक की सूची अपलोड नहीं
विधायक सैय्यदा खातून ने अपने पत्र में बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के कई पोलिंग स्टेशनों—जिनमें 192, 193, 194, 431, 443, 444, 445, 446, 447, 448, 449 और 450—शामिल हैं—में वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2025 तक की मतदाता सूची अब तक ऑनलाइन अपलोड नहीं की गई है।
परिणाम: इस तकनीकी त्रुटि के कारण, गणना प्रपत्र भरते समय मतदाताओं को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
दस्तावेज त्रुटि: मतदाता प्रपत्र में 2003 की सूची का विवरण दर्ज न कर पाने के कारण, फॉर्म अधूरा दिख रहा है और प्रणाली (System) में भी त्रुटि प्रदर्शित हो रही है।
70% बूथों पर गणना प्रपत्र अपलोडिंग में बाधा
विधायक ने आगे बताया कि उनके क्षेत्र के लगभग 70% प्रतिशत बूथों पर गणना प्रपत्र अपलोड करते समय रिकॉर्ड नॉट फाउंड (Record Not Found) की समस्या आ रही है।
इस वजह से, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को मजबूरी में वैकल्पिक तरीकों से यह कार्य करना पड़ रहा है।
मतदाताओं के नाम कटने का डर
विधायक ने आशंका व्यक्त की है कि ऐसी परिस्थितियों में, अधिकांश मतदाताओं को आगामी 9 दिसंबर 2025 को जारी होने वाले ड्राफ्ट रोल प्रकाशन के बाद नोटिस प्राप्त होने की संभावना है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
विधायक ने स्पष्ट किया कि यह तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटि व्यापक स्तर पर मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेने और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में पहले से दर्ज किसी भी व्यक्ति का नाम किसी भी स्थिति में न हटे। विधायक सैय्यदा खातून ने उम्मीद जताई है कि निर्वाचन आयोग पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।