📅 Published on: December 17, 2025
4 नवंबर से जारी है निर्वाचन आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान कुल 4.13 लाख प्रपत्रों की जांच में 86,711 नाम विलोपन की श्रेणी में।
* मृतक, शिफ्टेड और डबलिंग वाले मतदाताओं की हो रही है गहन छंटनी।
नियमतुल्लाह खान
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए पिछले डेढ़ माह से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत तहसील प्रशासन ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा एकत्रित किया है। जांच के दौरान अब तक कुल 86,711 मतदाता अपात्र श्रेणी में पाए गए हैं, जिन्हें मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार शुरू कर दी गई है।
प्रपत्र वितरण और जांच का विवरण
तहसील प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र के कुल 451 बूथों पर अभियान चलाकर बीएलओ द्वारा 4,13,590 एसआईआर (SIR) प्रपत्र वितरित किए गए थे। 2003 की आधार सूची और 2025 की वर्तमान सूची का मिलान करने के बाद चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
अपात्र मतदाताओं का वर्गीकरण:
| श्रेणी | मतदाताओं की संख्या
| मृतक | 15,649 |
| शिफ्टेड (अन्यत्र निवासी) | 36,741 |
| डबलिंग (दोहरा नाम) | 9,721 |
| अनुपस्थित | 23,402 |
| अन्य अपात्र | 1,698 |
| कुल योग | 86,711 |
पुष्टि के बाद ही कटेगा नाम: तहसीलदार
तहसीलदार रवि कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि आयोग की मंशा किसी भी पात्र मतदाता का अधिकार छीनने की नहीं है। यदि बीएलओ से डेटा फीडिंग में कोई त्रुटि हुई है, तो उसे सुधारने का मौका दिया जा रहा है। वर्तमान में बीएलओ राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और संबंधित परिवारों से मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर रहे हैं। किसी भी मतदाता का नाम काटने से पहले पूर्ण पुष्टि सुनिश्चित की जा रही है।
26 दिसंबर के बाद राजनैतिक दलों को मिलेगी सूची
प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तहसील प्रशासन 26 दिसंबर के बाद सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को बूथवार सूची उपलब्ध कराएगा। यदि किसी नाम पर आपत्ति दर्ज की जाती है, तो उसका तत्काल निस्तारण किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए एक सटीक और साफ-सुथरी मतदाता सूची तैयार करना है।