📅 Published on: December 18, 2025
प्रशासन को यह समझना होगा कि कुर्सियों पर बैठे लोग जनता की सेवा के लिए हैं, उन पर हाथ उठाने के लिए नहीं। अगर दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रशासन किसानों के साथ नहीं, बल्कि ‘गुंडागर्दी’ करने वाले अधिकारियों के साथ खड़ा है।
गुरु जी की कलम से
सिद्धार्थ नगर जनपद के विकास खंड बढ़नी से सटे दढ़उल गांव में खाद वितरण के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक ओर किसान कड़ाके की ठंड और खाद की किल्लत से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग रक्षक की जगह भक्षक बन रहे हैं।
ताज़ा मामले में दढ़उल गांव के सचिव शेषराम और उनके बेटे पर एक बेबस किसान के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हमले में किसान लहूलुहान हो गया है, जिसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, धनौरा गांव निवासी किसान जमुना खाद लेने के लिए लाइन में लगा था। वितरण प्रक्रिया में हो रही अव्यवस्था और खाद की मांग को लेकर जब किसान ने आवाज उठाई, तो सचिव शेषराम आपा खो बैठे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सचिव और उनके बेटे ने मिलकर किसान को सरेआम पीटना शुरू कर दिया। सत्ता और पद के रसूख में चूर दबंगों ने किसान की एक न सुनी और उसे गंभीर स्थिति में छोड़ दिया।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
यह घटना न केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की संवेदनहीनता को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है:
सुरक्षा व्यवस्था नदारद: जब खाद वितरण के समय भारी भीड़ की संभावना रहती है, तो वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे?
दबंगों को किसका संरक्षण?: एक सरकारी सचिव और उसका बेटा दिन-दहाड़े किसान को पीट देते हैं, क्या इन्हें कानून का कोई डर नहीं है? क्या प्रशासन ऐसे अधिकारियों को खुली छूट दे रहा है?
अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?
घटना के घंटों बाद भी सचिव की गिरफ्तारी न होना प्रशासन की मंशा पर संदेह पैदा करता है। क्या किसान का खून इतना सस्ता है?
मारपीट की सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान के साथ सचिव ने किया दुर्व्यवहार
इस घटना के बाद से क्षेत्र के किसानों में भारी गुस्सा है। मारपीट की सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान अलीमुल्लाह ने सचिव से बातचीत करने की कोशिश करी तो उनके साथ भी सचिव ने बदतमीजी की और लूट पाट के आरोप में जेल भिजवाने की भी धमकी दी।
ग्राम प्रधान ने मीडिया से कहा
हमारा किसान पहले से ही खाद की कमी और मौसम की मार झेल रहा है। अब सरकारी कर्मचारी भी उसे पीटेंगे? यह तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।
बताते चलें कि जमुना सहित एक दर्जन से अधिक किसान मंगलवार को भी खाद के लिए लाइन में लगे हुवे थे जिनको आज खाद मिल जाना चाहिए था बावजूद इसके शाम चार बजे तक लाइन में खड़े होने के बाद भी खाद नहीं दिया गया अफरा तफरी के आड़ में सचिव ने वितरण बंद कर दिया।