📅 Published on: December 19, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (शोहरतगढ़ ): जिले में यूरिया वितरण को लेकर मचे घमासान ने अब आक्रोश का रूप ले लिया है। ताजा मामला शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत ‘साधन सहकारी समिति धनौरा मुस्तहकम’ का है, जहाँ किसानों ने समिति के सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
किसानों का कहना है कि सचिव अपनी मनमानी कर रहे हैं और पात्र किसानों को नजरअंदाज कर चहेतों को फायदा पहुँचा रहे हैं।
प्रमुख बिंदु: क्या है पूरा मामला?
टोकन का खेल: किसानों का आरोप है कि उन्हें 15 दिन पहले टोकन जारी किए गए थे, लेकिन जब यूरिया वितरण की बारी आई, तो उन्हें खाद नहीं दी गई।
चहेतों को प्राथमिकता: प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि जिन लोगों ने मात्र 3 दिन पहले टोकन लिए थे (सचिव के करीबी), उन्हें यूरिया बांट दिया गया, जबकि पुराने टोकन वाले किसान दिनभर लाइन में लगे रहे।
समिति पर ताला: जब किसानों ने इस भेदभाव का विरोध किया, तो सचिव करीब 150 बोरी यूरिया का वितरण बीच में ही रोककर समिति बंद करके चले गए।
किसानों की पीड़ा
कड़ाके की ठंड और काम के सीजन में किसान सुबह से ही यूरिया की आस में समिति के चक्कर काट रहे हैं। पीड़ित किसान भीखूराम, मासूम, घुरसेइत, राम सहाय और राजमन सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि सचिव की इस तानाशाही से उनकी फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं।
हम 15 दिनों से कागज लेकर घूम रहे हैं, लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। सचिव केवल अपने जान-पहचान वालों को यूरिया दे रहे हैं।
प्रशासनिक रुख
इस मामले पर एआर सहकारी समिति, पीबी गौतम ने संज्ञान लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच की जा रही है। यदि सचिव की मनमानी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।