इटवा: दलित महिला से घर में घुसकर छेड़छाड़ और मारपीट, 6 दिन तक नहीं दर्ज हुई FIR

Niyamtullah khan 
सिद्धार्थनगर: इटवा थाना क्षेत्र के एक गांव में दबंगई और महिला उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। एक दलित महिला ने गांव के ही युवकों पर घर में घुसकर अश्लील हरकत करने, विरोध करने पर बेरहमी से मारपीट करने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़िता पिछले छह दिनों से न्याय के लिए थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

क्या है पूरा मामला?
पीड़िता द्वारा क्षेत्राधिकारी (CO) को सौंपे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, घटना 19 दिसंबर की शाम की है। 26 वर्षीय पीड़िता का आरोप है कि गांव का ही एक युवक जबरन उसके घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकतें (छेड़छाड़) करने लगा।

जब महिला ने शोर मचाया, तो उसकी सास उसे बचाने के लिए दौड़ी। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने अपने भाई को भी बुला लिया और दोनों ने मिलकर महिला व उसकी बुजुर्ग सास की लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। इस हमले में दोनों महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं।

जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और जान से मारने की धमकी
पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पूरे समाज को अपमानित किया। दबंगों ने खुलेआम धमकी दी कि— “तुम्हारी जाति के जितने भी लोग हैं, सबके हाथ-पैर तोड़ देंगे।”

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

घटना के अगले दिन यानी 20 दिसंबर को पीड़िता ने इटवा थाने में लिखित तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इस सुस्ती से हौसला पाकर आरोपियों ने महिला को दोबारा धमकाया और कहा— “थाने जाकर हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाईं, अब कहीं और शिकायत की तो जान से मार देंगे।”

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ ने दिए जांच के आदेश

थाने से न्याय न मिलने पर आहत पीड़िता ने सीओ इटवा, पवीन प्रकाश से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ ने तत्काल संज्ञान लिया है। प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। एसएचओ इटवा को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।