📅 Published on: December 28, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। जनपद में यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। एक तरफ जहां कृषि विभाग की टीमें दुकानों पर छापेमारी कर रही हैं, वहीं भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने तस्करी की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है।
SSB ने सीमा स्तंभ 558 के पास पकड़ा तस्कर
शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को 43वीं वाहिनी SSB की सीमा चौकी धनौरा के जवानों ने मुखबिर की सूचना पर बड़ी कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि धनौरा गांव के रास्ते सीमा स्तंभ संख्या 558 के समीप से खाद की तस्करी होने वाली है।
विशेष नाका दल ने घेराबंदी के दौरान देखा कि एक ऑटो नेपाल की ओर जा रहा है। जवानों को देखते ही चालक ऑटो छोड़कर भागने लगा, जिसे जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पकड़ लिया। ऑटो की तलाशी लेने पर उसमें से 27 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई।
पूछताछ में हुआ खुलासा
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अर्जुन (25 वर्ष), निवासी डोहरियाखुर्द, थाना शोहरतगढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह अधिक मुनाफे के लालच में खाद को अवैध रूप से नेपाल ले जा रहा था। उसके पास खाद से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। SSB ने बरामद खाद और ऑटो समेत तस्कर को उचित कागजी कार्यवाही के बाद थाना शोहरतगढ़ को सुपुर्द कर दिया है।
कृषि विभाग की सख्त छापेमारी
इधर, जनपद के भीतर अनियमितताओं को रोकने के लिए उप कृषि निदेशक राजेश कुमार और प्रभारी जिला कृषि अधिकारी रवि शंकर पांडेय ने शोहरतगढ़ क्षेत्र के चिल्हिया में संजय ट्रेडिंग कंपनी व ओम बीज भंडार का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि:
* प्रत्येक किसान का आधार, खतौनी और रकबा रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए।
* निर्धारित दर से अधिक मूल्य लेने या प्रतिबंधित उत्पाद बेचने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के तहत जेल भेजा जाएगा।
तस्करी रोकने को संकल्पित SSB
43वीं वाहिनी SSB के अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, मानव तस्करी, नशीली दवाओं और वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए प्रचालन गतिविधियां निरंतर जारी हैं। सीमा पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
> चेतावनी: कृषि विभाग और सुरक्षा बलों की इस संयुक्त सक्रियता ने साफ कर दिया है कि किसानों के हक की खाद की कालाबाजारी या तस्करी करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है।