📅 Published on: December 29, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर: जिले के डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र में रविवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे तीन अस्पतालों और एक डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
🛑 इन अस्पतालों पर गिरा प्रशासन का डंडा
नोडल अधिकारी डॉ. एमएम त्रिपाठी, एसडीएम राजेश कुमार और नायब तहसीलदार विष्णु प्रताप सिंह की टीम ने निम्नलिखित स्थानों पर कार्रवाई की:
1. नूर मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल (बेंवा चौराहा)
बेंवा चौराहे पर स्थित इस अस्पताल में छापेमारी के दौरान ओटी (Operation Theatre) के सभी उपकरण चालू हालत में मिले। हालांकि, प्रबंधक अस्पताल संचालन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिसके बाद इसे तत्काल सील कर दिया गया।
2. मेडिकेयर इमरजेंसी हॉस्पिटल (बेंवा)
टीम के पहुंचते ही यहाँ के कर्मचारी भागने लगे। अस्पताल पूरी तरह संचालित था, लेकिन पंजीकरण के कागजात मांगने पर प्रबंधक विफल रहे। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल पर ताला जड़ दिया।
3. आरएस हॉस्पिटल (कनकटी चौराहा)
यहाँ भी ओटी संचालित पाई गई। कागजात के अभाव में टीम ने इसे भी अवैध घोषित करते हुए सील करने की कार्रवाई की।
🔬 मंदिर चौराहे पर लिमरा डायग्नोस्टिक सेंटर सील
डुमरियागंज कस्बे के मंदिर चौराहे पर स्थित लिमरा डायग्नोस्टिक सेंटर में टीम ने औचक निरीक्षण किया। छापेमारी के वक्त मशीनों में सैंपल जांच के लिए लगे हुए थे। संचालक द्वारा सेंटर से संबंधित लाइसेंस या दस्तावेज न दिखा पाने पर इसे भी सील कर दिया गया।
यदि पंजीकरण से पहले शटर खुला पाया गया, तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
📋 टीम में ये रहे शामिल
इस संयुक्त छापेमारी दल में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी मौजूद थे:
* डॉ. एमएम त्रिपाठी (नोडल अधिकारी, नैदानिक स्थापना)
* राजेश कुमार (एसडीएम)
* विष्णु प्रताप सिंह (नायब तहसीलदार)
* अभिनव मणि त्रिपाठी (पटल सहायक)
निष्कर्ष: स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पंजीकरण और मानक विहीन अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।