📅 Published on: December 31, 2025
गडरखा के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, हत्या के गवाह को फंसाने की साजिश के खिलाफ पैदल मार्च
साजिश बनाम न्याय: लवकुश यादव का आरोप— “सुलह न करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की मिल रही धमकी।
गुरु जी की कलम से
बढ़नी /गडरखा (सिद्धार्थनगर): थाना ढेबरुआ अंतर्गत ग्राम पंचायत गडरखा में एक आपराधिक मामले को लेकर माहौल गरमा गया है। हत्या के एक मामले में मुख्य गवाह लवकुश यादव को कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश के विरोध में सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। महिलाओं और पुरुषों के भारी हुजूम ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय से जिलाधिकारी (DM) कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारियों और पीड़ित लवकुश यादव के अनुसार, गांव के अब्दुल मजीद की हत्या के संबंध में ढेबरुआ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 94/2025 (सरकार बनाम रविन्द्र शर्मा आदि) दर्ज है। इस मामले में लवकुश यादव मुख्य गवाह हैं। आरोप है कि अभियुक्त पक्ष लगातार उन पर सुलह करने और गवाही न देने का दबाव बना रहा है।
साजिश और धमकी के गंभीर आरोप
लवकुश यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान रविन्द्र शर्मा, आशीष और रामनयन यादव उन्हें धमका रहे हैं। आरोप के मुताबिक:
* सोशल मीडिया पर धमकी: ग्राम प्रधान ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर लवकुश को जेल भिजवाने की बात कही।
फर्जी केस की साजिश: लवकुश का कहना है कि अभियुक्त पक्ष ने रामनयन की बेटी के साथ हुए एक पुराने मामले (आत्महत्या का प्रयास) को हथियार बनाकर उनके खिलाफ बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की योजना बनाई है।
लवकुश के मुताबिक मुझ पर दबाव बनाया जा रहा है कि मैं हत्या के केस में समझौता कर लूं। जब मैंने इनकार किया, तो मुझे और मेरे परिवार को झूठे और संगीन मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। लवकुश यादव (पीड़ित/गवाह)
ग्रामीणों की मांग
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि: लवकुश यादव को सुरक्षा प्रदान की जाए।
गवाहों को डराने-धमकाने वाले रसूखदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
बताते चलें कि हत्यारोपी हर हाल में अपना केस कमजोर करना चाहता है ऐसे में वह किसी भी हद तक जा सकता है फर्जी शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि निर्दोष को न्याय मिल सके।
फिलहाल, भारी संख्या में ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।