📅 Published on: January 7, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर | 06 जनवरी 2026 कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य योजनाओं की सुस्त रफ्तार और लापरवाही पर जिलाधिकारी का कड़ा रुख देखने को मिला।
आयुष्मान कार्ड और आशा बहुओं की कार्यशैली पर कड़े निर्देश
समीक्षा के दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल क्षेत्र भ्रमण के निर्देश दिए और सुनिश्चित करने को कहा कि सभी आयुष्मान सेंटर समय से खुलें।
नोटिस जारी करने के निर्देश: जिलाधिकारी ने समस्त MOIC को उन आशा बहुओं को चिन्हित कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया जो डिलीवरी (प्रसव) नहीं करा रही हैं।
शून्य होम डिलीवरी का लक्ष्य: “अस्पताल में ही हो प्रसव”
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनपद में घर पर प्रसव (Home Delivery) कतई नहीं होना चाहिए। सभी गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल में ही सुनिश्चित कराया जाए। यदि किसी क्षेत्र में घर पर प्रसव होता है, तो संबंधित MOIC (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे।
वार रूम और NBSU: एनबीएसयू (NBSU) को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए ताकि गर्भवती महिलाओं को त्वरित सहायता मिल सके। साथ ही, MOIC को नियमित वार रूम का निरीक्षण करने को कहा गया।
VHND दिवस और टीकाकरण पर जोर
ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHND) को लेकर जिलाधिकारी ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
* HRP की पहचान: कम एचआरपी (High-Risk Pregnancy) वाली महिलाओं को चिन्हित कर उनका बेहतर इलाज सुनिश्चित करें।
* संसाधन: एएनएम, आशा और सीएचओ को सभी आवश्यक किट उपलब्ध कराई जाएं।
* डाटा फीडिंग: टीकाकरण का शत-प्रतिशत डाटा पोर्टल पर फीड हो और मोबाइल नंबर सही दर्ज किए जाएं। लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
टीबी उन्मूलन और ‘संभव’ अभियान की समीक्षा
* टीबी पहचान: सभी विकास खंडों में लक्षण युक्त टीबी मरीजों की पहचान के लिए पब्लिक नोटिफिकेशन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
* कुपोषण पर वार: ‘संभव’ अभियान के तहत सैम (SAM) और मैम (MAM) श्रेणी के कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
* टेली-मेडिसिन: ई-संजीवनी के माध्यम से अधिक से अधिक मरीजों को घर बैठे परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. झा, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, समस्त सीएचसी/पीएचसी के एमओआईसी, बीपीएम और बीसीपीएम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।