📅 Published on: January 7, 2026
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव में ‘बस्ती के शेर’ ने फूंका बिगुल; स्टाइपेंड, पेंशन और सुरक्षा अधिनियम का दिया वचन
Kapilvastupost
बस्ती/लखनऊ। जनपद बार एसोसिएशन बस्ती के ऊर्जावान महामंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता रवि शंकर शुक्ल ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आगामी चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए अधिवक्ता हित में बड़े संकल्प दोहराए हैं। वर्ष 1988 से वकालत के क्षेत्र में सक्रिय (रजिस्ट्रेशन नंबर 2528/88) शुक्ल ने स्पष्ट किया कि उनका चुनाव किसी पद के लालच में नहीं, बल्कि नाम और सेवा भाव के लिए है।
चुनावी कुरीतियों पर कड़ा प्रहार
महसो शुक्ल परिवार से ताल्लुक रखने वाले और पूरी तरह शाकाहारी जीवन शैली अपनाने वाले रवि शंकर शुक्ल ने चुनाव में व्याप्त बुराइयों पर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा आज के दौर में चुनाव जीतने के लिए लोग दारू, रुपया और जाति का कार्ड खेलते हैं, लेकिन मैं इन सब से ऊपर हूं। मेरी सिर्फ एक ही जाति है और वह है— वकील जाति। हमारा काला कोट ही हमारा धर्म और पहचान है।”
अधिवक्ताओं के लिए ‘मेनिफेस्टो’ के मुख्य बिंदु:
65 वर्षीय शुक्ल, जो अब तक नि:शुल्क कानूनी सहायता के माध्यम से समाज सेवा करते आए हैं, उन्होंने प्रदेश स्तर पर जीत दर्ज करने के बाद निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर जोर दिया है:
* नवागत वकीलों के लिए स्टाइपेंड: नए अधिवक्ता बंधुओं को आर्थिक संबल देने के लिए मासिक स्टाइपेंड की व्यवस्था।
* बुजुर्ग वकीलों को पेंशन: जीवन भर कानून की सेवा करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए सम्मानजनक पेंशन।
* अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम: वकीलों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए इसे सख्ती से लागू कराना।
* चैंबर आवंटन: युवा वकीलों के लिए बैठने के लिए उचित चैंबर उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
* हड़ताल का संवैधानिक अधिकार: उन्होंने साफ कहा कि हड़ताल हमारा संवैधानिक अधिकार है, जिसे न तो छोड़ा जा सकता है और न ही इस पर रोक लगाई जा सकती है।
कालिका प्रसाद मिश्र की जीत पर हर्ष व्यक्त किया
रवि शंकर शुक्ल ने फैजाबाद बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और दिग्गज अधिवक्ता कालिका प्रसाद मिश्र को दोबारा अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि कालिका प्रसाद मिश्र जैसे शांत, सौम्य और अनुभवी व्यक्तित्व का नेतृत्व पूरे अधिवक्ता समाज के लिए गौरव की बात है।
बस्ती से प्रदेश तक का सफर
बस्ती जनपद में महामंत्री के रूप में अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता सिद्ध करने के बाद, अब शुक्ल प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं की आवाज बुलंद करने को तैयार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश का अधिवक्ता समाज ईमानदारी और सेवा भाव को चुनेगा और उनकी जीत पक्की है।