सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026: सीएम योगी ने 1052 करोड़ की सौगात के साथ किया भव्य शुभारंभ

निज़ाम अंसारी 

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बुद्ध की पावन धरा सिद्धार्थनगर में ‘सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपदवासियों को 1052 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का उपहार दिया। भारी बारिश के बावजूद महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का उत्तर प्रदेश ‘उपद्रव से उत्सव’ की ओर अग्रसर है।

महात्मा बुद्ध के शांति संदेश और अजीत पवार को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान बुद्ध को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि कपिलवस्तु राजकुमार सिद्धार्थ की राजधानी थी, जिन्होंने सत्य और ज्ञान की खोज में पूरी दुनिया को मैत्री का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

विकास और रोजगार पर जोर: 125 दिन का मनरेगा काम

सीएम योगी ने जनपद की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा:

  • स्वास्थ्य: जनपद में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज का संचालन हो रहा है। आज मेडिकल छात्रावास और ऑडिटोरियम का शिलान्यास भी किया गया।

  • रोजगार: मनरेगा के तहत अब 100 की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। रोजगार न मिलने पर मुआवजे का प्रावधान भी किया गया है।

  • किसान कल्याण: बारिश को अन्नदाताओं के लिए ‘अमृत’ बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव के हर गरीब को आवास, राशन और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल रहा है।

  • मत्स्य पालन: मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जरिए नीली क्रांति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सांस्कृतिक प्रस्तुति और सम्मान

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने स्वागत गीत और शिवपति इंटर कॉलेज , बरसाती इंटर कॉलेज बढ़नी की छात्राओं ने ‘कपिलवस्तु गीत’ प्रस्तुत कर अतिथियों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की और शिशुओं को अन्नप्राशन कराया। प्रशासन की ओर से उन्हें भगवान बुद्ध का प्रतीकात्मक ‘अस्थि कलश’ भेंट किया गया।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री अनिल राजभर, सांसद जगदम्बिका पाल, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक श्यामधनी राही, विधायक सैय्यदा खातून, और जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि 2017 के बाद सिद्धार्थनगर की पहचान ‘बाढ़’ से बदलकर ‘काला नमक चावल’ और ‘हाईवे’ के रूप में स्थापित हुई है।