📅 Published on: January 30, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले को बाल श्रम की बेड़ियों से पूरी तरह मुक्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देशन में श्रम विभाग, ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट और मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समुदाय को जागरूक करने के लिए ‘जागरूकता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
व्यापारिक संगठनों और प्रशासन का साझा संकल्प
कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली ने स्पष्ट किया कि बिना व्यापार संगठनों, ईंट-भट्टा एसोसिएशन और रेस्टोरेंट मालिकों के सहयोग के यह लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाना काफी नहीं है, बल्कि हर प्रतिष्ठान को यह संकल्प लेना होगा कि वे किसी भी बच्चे को काम पर नहीं रखेंगे।
2026 तक का लक्ष्य और कार्ययोजना
ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट और श्रम विभाग के बीच हुए समझौते के तहत सिद्धार्थनगर उन पांच आकांक्षी जिलों में शामिल है, जिन्हें वर्ष 2026 तक पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना है। सहायक श्रम आयुक्त सचिन कुमार सिंह ने बताया कि बाल श्रम न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि कानूनी अपराध भी है। इसके लिए हॉटस्पॉट की पहचान कर प्रभावी निरीक्षण और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्य बिंदु: कार्यशाला की रणनीति
* हॉटस्पॉट पर फोकस: जिन क्षेत्रों में बाल श्रम की संभावना अधिक है, वहां सघन अभियान चलाया जाएगा।
* विभागीय समन्वय: शिक्षा विभाग बच्चों को स्कूलों से जोड़ेगा, जबकि महिला एवं बाल कल्याण विभाग ग्राम स्तर पर समितियों को मजबूत करेगा।
* जागरूकता रथ: खेल जगत में नाम रोशन करने वाली छात्रा सावित्री पासवान एवं उनकी टीम ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई, जो पूरे जनपद में भ्रमण कर लोगों को शिक्षित करेगा।
विशेषज्ञों की राय
* उमेश कुमार गुप्ता (स्टेट लीड, ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट): “शासन की मंशा के अनुरूप तय समय सीमा में जिले को मुक्त करना हमारी प्राथमिकता है।”
* भानुजा शरण लाल (निदेशक, संस्थान): उन्होंने अब तक के प्रयासों और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
* राजेश मणि (मदद फाउंडेशन): ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता को और सशक्त करने का सुझाव दिया।
कार्यशाला में सशस्त्र सीमा बल, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रसून शुक्ला द्वारा किया गया।