खेसरहा में टीएलएम कार्यशाला: नवाचारी शिक्षण से संवरेगा बच्चों का भविष्य

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। जिला बेसिक शिक्षा विभाग और स्माइल फाउंडेशन के साझा प्रयासों से ‘आकांक्षी ब्लॉक परिवर्तन कार्यक्रम’ के तहत विकास खंड खेसरहा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) और स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG) के सदस्यों ने शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) के निर्माण और उसके प्रभावी उपयोग के गुर सीखे।

कक्षा शिक्षण को रोचक बनाने पर जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य रटंत प्रणाली को खत्म कर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और बाल-केंद्रित बनाना था। विशेषज्ञों ने शिक्षकों को बताया कि कैसे कम लागत और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके आकर्षक टीएलएम तैयार किए जा सकते हैं। भाषा और गणित जैसे विषयों को खेल-खेल में सिखाने के लिए नवाचारी तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षकों ने दिखाया रचनात्मक कौशल
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विभिन्न समूहों में विभाजित किया गया, जहाँ उन्होंने स्वयं चार्ट, फ्लैश कार्ड और वर्किंग मॉडल तैयार किए। शिक्षकों द्वारा प्रदर्शित इस रचनात्मकता की अधिकारियों ने सराहना की।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिकारियों ने जोर दिया कि इस प्रशिक्षण का असली लाभ तभी है, जब शिक्षक इन विधियों को विद्यालय स्तर पर लागू करें। प्रतिभागी शिक्षकों ने इस कार्यशाला को ऊर्जावान बताते हुए कहा कि इससे शिक्षण के प्रति उनका नजरिया बदलेगा और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी।