📅 Published on: March 6, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय स्थित ‘मैक्स हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर’ में बुधवार को ऑपरेशन के दौरान हुई 28 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध मौत के मामले को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने बेहद गंभीरता से लिया है। परिजनों द्वारा लगाए गए इलाज में लापरवाही और धोखेबाजी के गंभीर आरोपों के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के खिलाफ जांच का शिकंजा कस दिया है।
3 सदस्यीय हाई-प्रोफाइल कमेटी करेगी जांच
सीएमओ डॉ. रजत चौरसिया ने मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम का गठन किया है। इस जांच दल में शामिल हैं:
* डॉ. एम.एम. त्रिपाठी
* डॉ. अनूप जायसवाल
* डॉ. शाहीन खान
यह उच्चस्तरीय कमेटी घटना के हर पहलू, अस्पताल के कागजातों और इलाज की प्रक्रिया की बारीकी से जांच करेगी। सीएमओ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कमेटी 3 दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपे, जिसके आधार पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने या अन्य कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन पर ‘गुमराह’ करने का आरोप
मृतका के भाई सागर ने अस्पताल प्रशासन पर रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान ही प्रसूता की मौत हो गई थी, लेकिन अस्पताल संचालक अपनी गर्दन बचाने के लिए घंटों तक परिजनों को गुमराह करते रहे और शव को एंबुलेंस में लादकर इधर-उधर भटकाते रहे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के असली कारणों का खुलासा होगा।
नोडल अधिकारी का रुख
निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. एम.एम. त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि जांच शुरू कर दी गई है। यदि इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाई गई, तो मैक्स हॉस्पिटल के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।