सिद्धार्थनगर: गैस संकट से जूझती जनता, डीएम की सख्ती के बीच इंडक्शन कुकर की बढ़ी मांग

बढ़नी नगर पंचायत के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स समानों के बिक्रेता माही इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोप्रिएटर मिथुन अग्रहरि ने बताया कि तीन दिनों के अंदर सौ से ज्यादा की संख्या में इंडक्शन कूकर बिक गए मांग को देखते हुवे नए आर्डर लगाए जा रहे हैं | 

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सिद्धार्थनगर। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत और वितरण में हो रही अव्यवस्था ने विकराल रूप ले लिया है। एक तरफ जहां गैस गोदामों पर सुबह की पहली किरण के साथ ही सैकड़ों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कालाबाजारी और शादी-ब्याह के सीजन में घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी०एन० ने जनपद की सभी पांचों तहसीलों में एसडीएम के नेतृत्व में विशेष जांच टीमें गठित कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

गोदामों पर सुबह 7 बजे से हाहाकार, 40% उपभोक्ता खाली हाथ

जिले के गैस गोदामों की स्थिति बदतर होती जा रही है। प्रतिदिन सुबह 7 बजे से ही 400 से 500 लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। विडंबना यह है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी लगभग 30 से 40 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ‘बुकिंग न होने’ या ‘स्टॉक खत्म होने’ का हवाला देकर वापस भेज दिया जा रहा है। हालांकि, शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच कुछ लोगों को सिलेंडर मिल पा रहे हैं, लेकिन यह आपूर्ति मांग के मुकाबले ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

शादी-ब्याह का सीजन और युद्ध का साया

वर्तमान में शादी-ब्याह का सीजन चरम पर है, जिसके कारण गैस की मांग में भारी उछाल आया है। आरोप है कि कमर्शियल सिलेंडरों की कमी का फायदा उठाकर कई मैरिज हॉल और हलवाई धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं, वैश्विक स्तर पर युद्ध की स्थितियों के कारण गैस आपूर्ति बाधित होने की चर्चाओं ने आम नागरिक को डरा दिया है, जिससे लोग अब दूसरे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

इंडक्शन कुकर का बढ़ा क्रेज, दुकानों पर स्टॉक खत्म

गैस संकट का सीधा असर बाजार पर दिख रहा है। पिछले तीन दिनों में जिले में इंडक्शन कुकर की बिक्री में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। मध्यम वर्गीय परिवार अब चूल्हे के विकल्प के रूप में इंडक्शन को अपना रहे हैं। आलम यह है कि इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर इंडक्शन का स्टॉक खत्म होने की कगार पर है और दुकानदार नए ऑर्डर देने में जुटे हैं।

प्रशासनिक शिकंजा: तहसीलवार टीमें तैयार

जिलाधिकारी ने इन अव्यवस्थाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त रुख अपनाया है:

  • जांच टीमें: नौगढ़, बांसी, शोहरतगढ़, डुमरियागंज और इटवा के उप-जिलाधिकारियों (SDM) को अपनी टीमों के साथ गैस एजेंसियों और रेस्टोरेंटों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।

  • कड़ी कार्रवाई: अवैध भंडारण, मनमानी वितरण और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर सीधे एफआईआर (FIR) और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

  • रिपोर्टिंग: सभी टीमों को अपनी दैनिक जांच रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपनी होगी।