बढ़नी: भ्रष्टाचार के ‘महाकुंड’ में डूबा ताल कुंडा पंचायत भवन, BDO की चुप्पी पर उठे सवाल

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (बढ़नी): विकास खंड बढ़नी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ताल कुंडा में ‘ग्राम स्वराज’ का सरकारी सपना केवल फाइलों तक ही सीमित रह गया है। यहाँ का पंचायत सचिवालय आज भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी का जीवंत प्रमाण बन चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लॉक मुख्यालय से नाक के नीचे चल रहे इस खेल पर खंड विकास अधिकारी (BDO) ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

जिम्मेदारों की उदासीनता: कागजों पर चमक, जमीन पर बदहाली
ग्राम प्रधान गीता और पंचायत सचिव उदय प्रताप गौतम की कार्यशैली तो सवालों के घेरे में है ही, लेकिन ग्रामीणों का सीधा आरोप खंड विकास अधिकारी पर भी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना उच्चाधिकारियों की मिलीभगत या ढुलमुल रवैये के, सरकारी भवन को मजदूरों का रैन बसेरा बनाना मुमकिन नहीं है। क्या BDO कार्यालय को इस जर्जर भवन और उखड़ी हुई टाइल्स की जानकारी नहीं है? या फिर ‘ऑल इज वेल’ की रिपोर्ट भेजकर भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा रहा है?
सुविधाएं नदारद, मानदेय का खेल जारी
डिजिटल इंडिया के दावों के बीच ताल कुंडा पंचायत भवन में न कंप्यूटर है, न इनवर्टर और न ही बैठने के लिए कुर्सी-मेज। बावजूद इसके, पंचायत सहायक सुरेंद्र कुमार निषाद की नियुक्ति और उन्हें मिलने वाले मासिक भुगतान ने प्रशासनिक पारदर्शिता की धज्जियां उड़ा दी हैं। जब भवन में सुविधाएं ही नहीं हैं, तो सहायक किस आधार पर और कहाँ बैठकर कार्य कर रहे हैं?
ग्रामीणों की चेतावनी: अब पार हुई बर्दाश्त की हद
खंडहर में तब्दील हो चुके इस भवन और अधूरे शौचालयों को देखकर स्थानीय निवासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से उच्चाधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर खंड विकास अधिकारी और जिला प्रशासन ने इस ‘कागजी विकास’ की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो हम उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराने को बाध्य होंगे।