📅 Published on: March 13, 2026
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सिद्धार्थनगर, 13 मार्च 2026। जनपद के किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध सभागार में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की।
वैज्ञानिक तकनीक से बढ़ेगा उत्पादन
प्रशिक्षण के दौरान मत्स्य विशेषज्ञों ने किसानों को पेंगशियस मछली (Pangasius) पालन की बारीकियों से रूबरू कराया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह मछली कम समय में अधिक वजन प्राप्त करती है, जिससे किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा मिलता है। कार्यक्रम में बीज चयन, तालाब प्रबंधन, संतुलित आहार और जल की शुद्धता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
परंपरागत खेती के साथ अपनाएं मत्स्य पालन: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। उन्होंने अपील की कि किसान केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर न रहकर मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाएं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तकनीक के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुँचाया जाए।
प्रशिक्षण पुस्तिका का विमोचन
इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों द्वारा ‘पंगेसियस मछली पालन प्रशिक्षण पुस्तिका’ का विमोचन किया गया। यह पुस्तिका किसानों के लिए मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों ने हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान किया|