ग्राम प्रधान आशुतोष पांडे के प्रयासों से महकी पचऊध की धरती, प्रज्ञा पुराण कथा में उमड़ा जनसैलाब

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तुलसियापुर/बढ़नी (सिद्धार्थनगर): विकास खंड बढ़नी के अंतर्गत ग्राम पंचायत पचऊध में इन दिनों भक्ति और सेवा की त्रिवेणी बह रही है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय पावन ‘प्रज्ञा पुराण कथा’ एवं ‘नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ’ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा।

शनिवार को कथा व्यास डॉ. राहुल देव त्रिपाठी ने प्रज्ञा पुराण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ग्रंथ केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि एक आदर्श जीवन जीने की संपूर्ण कला है।

विकास और सेवा का संगम: प्रधान आशुतोष पांडे की पहल
इस भव्य धार्मिक आयोजन के पीछे ग्राम प्रधान आशुतोष पांडे की विशेष सक्रियता और सेवा भावना की चर्चा हर जुबान पर है। गाँव के विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना जगाने में आशुतोष पांडे अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रधान जी न केवल प्रशासनिक कार्यों में सजग हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी गरीबों और असहायों की मदद के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहते हैं।
कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने बताया कि आशुतोष पांडे के नेतृत्व में गाँव में आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना बढ़ी है।

चाहे किसी गरीब की आर्थिक मदद हो या गाँव की मूलभूत समस्याओं का समाधान, प्रधान आशुतोष पांडे एक जनसेवक के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ रहे हैं।
प्रज्ञा पुराण: जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान का स्रोत
कथा व्यास डॉ. त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रज्ञा पुराण में संस्कारित और आदर्श जीवन के सभी पहलुओं का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस कथा का श्रवण करने से मानव जीवन धन्य हो जाता है और व्यक्ति को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के आधुनिक दौर में ऐसे आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों का पुनरुत्थान होता है।

भक्तिमय रहा वातावरण
पूरा पंडाल ‘गायत्री मंत्र’ और ‘जय गुरुदेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे, जिन्होंने यज्ञशाला की परिक्रमा कर लोक कल्याण की कामना की।