हृदयाघात के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर / उत्तर प्रदेश माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में हृदयाघात (हार्ट अटैक) के मरीजों को त्वरित और प्रभावी उपचार देने के लिए STEMI (एसटी-एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन) कार्यक्रम के तहत आपातकालीन सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक में इस कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा की गई, जिसमें ‘गोल्डन आवर’ (हृदयाघात के शुरुआती महत्वपूर्ण समय) के भीतर उपचार सुनिश्चित करने और रेफरल प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

अत्याधुनिक संसाधनों से लैस इमरजेंसी विभाग
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में वर्तमान में छह बेड का हाई-टेक आईसीयू संचालित है। यह इकाई वेंटिलेटर और मल्टीपैरामीटर मॉनिटर जैसे जीवन रक्षक उपकरणों से पूरी तरह सुसज्जित है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी माह से अब तक 150 से अधिक मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है।
35 हजार रुपये का इंजेक्शन अब बिल्कुल निःशुल्क
हृदयाघात के गंभीर मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर यह है कि इमरजेंसी विभाग में ‘इंजेक्शन टेनेक्टेप्लेस’ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत लगभग 35,000 रुपये है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में यह जरूरतमंद मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क दिया जा रहा है।

प्रशिक्षित टीम द्वारा त्वरित उपचार
महानिदेशक (प्रशिक्षण) चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देशानुसार, अस्पताल की टीम को उन्नत तकनीकों से लैस किया गया है। बीते 21 फरवरी को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. मिथिलेश (नोडल अधिकारी, STEMI), शिव कुमार (नर्सिंग स्टाफ) ,शमशुल खान (फार्मासिस्ट) इन अधिकारियों और कर्मियों ने हृदयाघात की त्वरित पहचान और समयबद्ध उपचार (Timely Treatment) से जुड़ी बारीकियों का प्रशिक्षण लिया है, जिसका सीधा लाभ अब जिले के मरीजों को मिल रहा है।