धोबही विवाद: नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने की जांच, धर्म परिवर्तन नहीं संपत्ति का निकला मामला

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सिद्धार्थनगर: मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के धोबही गांव में हाल ही में हुए कथित धर्म परिवर्तन विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। रविवार को प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने गांव का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य पक्षकार बाबूलाल विश्वकर्मा के भाई रामप्रसाद उर्फ टकालू से मुलाकात की, जिसके बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
धर्म परिवर्तन नहीं, संपत्ति विवाद है मुख्य जड़
रामप्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष को स्पष्ट रूप से बताया कि उनके ऊपर लगाए गए धर्म परिवर्तन के आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं। उनके अनुसार, यह विवाद धार्मिक न होकर पूरी तरह से पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा है। रामप्रसाद का आरोप है कि वह अपने हिस्से की संपत्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका हक देने के बजाय इस विवाद को धार्मिक रंग देकर झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
राजनीतिक दबाव और जान का खतरा
रामप्रसाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई एक राजनीतिक दल के बूथ अध्यक्ष हैं और अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन पर जबरन बयान बदलवाने का दबाव डाला जा रहा है। बातचीत के दौरान भावुक होते हुए रामप्रसाद ने कहा मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। यदि मैंने उनके पक्ष में गवाही नहीं दी, तो मुझे खत्म कर दिया जाएगा।
प्रशासन से सुरक्षा की गुहार
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामप्रसाद ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें भू-माफियाओं और राजनीतिक दबाव से संरक्षण दिया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।