सिद्धार्थनगर: पति की हत्या के बाद अब अनाथ बच्चों और विधवा को ‘बदले’ की धमकी, न्याय के लिए CM और DGP को भेजा पत्र

न्याय की गुहार लगाती इस बेबस विधवा और सहमे हुए मासूमों की चीख क्या शासन तक पहुँचेगी? जब रक्षक ही ‘लिखित सूचना’ का इंतज़ार कर अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ लें, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाज़मी है। मुख्यमंत्री को, मामले का संज्ञान लेंना चाहिए ; कहीं ऐसा न हो कि पुलिस की ये सुस्ती एक और अनहोनी को दावत दे दे।

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के मदरहना उर्फ रामनगर गांव की एक विधवा, फूलमती, अपने और अपने मासूम बच्चों की जान बचाने के लिए मुख्यमंत्री, डीजीपी और राज्य महिला आयोग से गुहार लगा रही हैं। पति की कथित हत्या के बाद अब दबंगों द्वारा ‘बदला लेने’ की खुलेआम धमकी से पूरा परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायती पत्र के अनुसार, फूलमती के पति स्वर्गीय संतोष पर बीती **14 फरवरी 2026** को गांव के ही दबंग काशीराम (देवीलाल) उर्फ भगत ने जानलेवा हमला किया था। इस हमले में संतोष बुरी तरह घायल हो गए थे और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से ही परिवार न्याय के लिए भटक रहा है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से उनके हौसले और बुलंद हो गए हैं।
बदला लेंगे, चाहे जब लेंगे’ – खौफ में मासूम बच्चे
पीड़िता फूलमती ने अपनी नई शिकायत (**पंजीकरण संख्या: GOVUP/E/2026/0043849**) में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पीड़िता का आरोप है कि जब उनकी पुत्री काजल दुकान पर सामान लेने गई, तो उसने आरोपी के रिश्तेदार सूर्यबली को यह कहते सुना कि— **”बदला लेंगे, चाहे जब लेंगे”**। इस धमकी के बाद से मासूम बच्चे डरे हुए हैं और परिवार को अपनी जान का प्रत्यक्ष खतरा महसूस हो रहा है।
### **पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल**
मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। जहाँ एक ओर पीड़िता सुरक्षा के लिए लखनऊ तक पत्र भेज रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर अधिकारी औपचारिकता में उलझे नजर आ रहे हैं:
* **एएसपी सदर (IPS विश्वजीत सौर्यान):** उन्होंने फिलहाल किसी भी ठोस कार्रवाई पर बयान देने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि “पीड़िता आएगी तो उसकी सुनवाई होगी।”
* **बजहा चौकी इंचार्ज (अखिलेश कुमार मिश्र):** इनका कहना है कि उन्हें धमकी के मामले की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि लिखित सूचना मिलते ही जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया करा पाता है या दबंगों के हौसले यूं ही बरकरार रहेंगे।