बदलते मौसम का कहर: बढ़नी पीएचसी में बढ़े सर्दी, खांसी और डायरिया के मरीज, डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने दी सावधानी बरतने की सलाह

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बढ़नी, सिद्धार्थनगर।

तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत बिगाड़नी शुरू कर दी है। चिलचिलाती धूप और बीच-बीच में हो रहे मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण इन दिनों सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बढ़नी में भी इन दिनों मरीजों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है।

अस्पताल में बढ़ी मरीजों की तादाद

पीएचसी बढ़नी के चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी, उल्टी और दस्त (डायरिया) के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इन समस्याओं को लेकर अस्पताल पहुँच रहे हैं। इसके अलावा, शुगर और बीपी जैसे लाइफस्टाइल रोगों के रूटीन मरीजों का आना-जाना भी लगातार बना हुआ है।

डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा की सलाह

डॉ. वर्मा ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने बचाव के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  • खान-पान पर ध्यान दें: बासी भोजन से बचें और ताज़ा खाना ही खाएं।

  • पानी का भरपूर सेवन: शरीर में पानी की कमी न होने दें, ओआरएस (ORS) या उबला हुआ पानी पिएं।

  • धूप से बचाव: दोपहर की तेज धूप में निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें।

  • साफ-सफाई: अपने आस-पास सफाई रखें ताकि मच्छरों और गंदगी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।

चिकित्साधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता है और मरीजों का उचित उपचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि बीमारी के लक्षण दिखने पर खुद से इलाज करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर आकर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।