📅 Published on: May 11, 2026
मनोज भगवान
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की वर्षों पुरानी और अत्यंत महत्वपूर्ण मांग ‘अंतर्जनपदीय स्थानांतरण’ (Inter-District Transfer) को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा आगामी 13 मई 2026 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय, सिद्धार्थनगर पर विशाल धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है।
10-12 वर्षों का वनवास खत्म करने की मांग
संगठन का कहना है कि प्रदेश के हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले 10 से 12 वर्षों से अपने गृह जनपद से कोसों दूर अन्य जिलों में सेवाएं दे रहे हैं। लंबे समय से स्थानांतरण प्रक्रिया न होने के कारण शिक्षक अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा, बच्चों की उचित शिक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। इस दूरी का शिक्षकों के मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सरकार का ध्यान आकर्षित करने की रणनीति
धरना प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ शासन और सरकार को यह संदेश देना चाहता है कि शिक्षकों की यह मांग पूरी तरह से न्यायसंगत और मानवीय आधार पर आधारित है। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक शिक्षकों को उनके गृह जनपद जाने का अवसर नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष की अपील: “एकजुटता ही बनेगी ताकत”
महासंघ के जिलाध्यक्ष आदित्य शुक्ल ने जनपद के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा:13 मई का धरना शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा का दिन है। हमारी एकजुटता ही शासन तक हमारी आवाज को मजबूती से पहुंचाएगी। अधिक से अधिक संख्या में BSA कार्यालय पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं।