📅 Published on: May 19, 2026
गुरु जी की कलम से
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। सोमवार को बढ़नी नगर पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। बैठक में अधूरे निर्माण कार्यों, विकास योजनाओं में देरी और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सभासदों ने तीखी नाराजगी जताई। चेयरमैन प्रतिनिधि सुनील अग्रहरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर कार्रवाई की मांग का निर्णय लिया गया।
1 करोड़ से अधिक का टेंडर होने के बाद भी काम ठप
बैठक में वर्ष 2020-21 में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना’ के तहत स्वीकृत करीब 1 करोड़ 2 लाख रुपए के विकास कार्यों का मुद्दा गरमाया।
वार्ड संख्या 10 और 11 में आरसीसी नाला, फर्श और रेलिंग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है। सभासदों ने आरोप लगाया कि पिछली बैठक में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और प्रस्ताव निरस्त करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
डेढ़ साल से खराब पड़ी है जेसीबी, सफाई व्यवस्था बेपटरी
सभासदों ने नगर पंचायत की जेसीबी मशीन पिछले डेढ़ वर्ष से खराब पड़े होने पर गहरा रोष व्यक्त किया। सदस्यों का कहना था कि बार-बार जानकारी मांगने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जेसीबी न होने से नगर की सफाई और अन्य विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बोर्ड ने इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजने का प्रस्ताव पारित किया।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी पर कर्मचारियों को नोटिस
बैठक में आम जनता से जुड़े मुद्दों जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी और विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर भी गंभीर चर्चा हुई। बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित लापरवाह कर्मचारियों को नोटिस जारी कर व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया है।
वेतन भुगतान में नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता के आरोप
नगर पंचायत कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। सभासदों ने मांग की कि:
* वेतन का भुगतान शासन के नियमों के अनुरूप ही किया जाए।
* नियमानुसार जिन कर्मचारियों का वेतन कम है, उसमें वृद्धि की जाए।
* नगर पंचायत के हित में न होने वाले अनावश्यक भुगतानों में तुरंत कटौती की जाए।
सभासदों ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि धारा 60 एवं धारा 63 का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक निर्माण, जलकल और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
“बोर्ड को विश्वास में लिए बिना काम कर रहे अधिशासी अधिकारी”
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु अधिशासी अधिकारी (EO) की कार्यशैली रही। सभासदों ने सीधे तौर पर ईओ पर निशाना साधते हुए कहा कि बोर्ड को बिना विश्वास में लिए मनमाने ढंग से कार्य किए जा रहे हैं, जिससे पूरे नगर का विकास ठप पड़ गया है।
ये सभासद रहे उपस्थित:
बैठक में अपनी आवाज बुलंद करने वाले प्रमुख सभासदों में त्रिभुवन अग्रहरी, निसार अहमद, मनोज यादव, अनीता जायसवाल, रामधनी मौर्य, कन्हैया लाल, दीपमाला, आसमा खातून और दरख्शा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
बैठक के अंत में अन्य कोई नया प्रस्ताव न आने पर अध्यक्ष ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की।