‘हाइड्रेशन’ को न करें नजरअंदाज: प्यास का इंतजार किए बिना पिएं पानी – डॉ इस्तेयाक अहमद

nizam ansari

गर्मियों का मौसम आते ही देश के कई हिस्सों में पारा तेजी से बढ़ने लगा है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं यानी ‘लू’ (Heat Stroke) का खतरा लगातार मंडरा रहा है। थोड़ी सी भी लापरवाही इस मौसम में आपको गंभीर रूप से बीमार कर सकती है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लू से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।

अगर आप भी इस तपती गर्मी में खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो डॉ इस्तेयाक अहमद द्वारा बताए गए इन 4 सबसे महत्वपूर्ण बातों का खास ख्याल रखें|

लू से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है शरीर में पानी की कमी न होने देना।

नियमित अंतराल पर पानी पिएं: घर से बाहर निकलते समय या घर के अंदर रहते हुए भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। प्यास लगने का इंतजार बिल्कुल न करें।

इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन: केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) का घोल भी अपनी डाइट में शामिल करें। यह शरीर में नमक और जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करता है।

पीक ऑवर्स में सावधानी: सही समय और सूती पहनावा है जरूरी

दिन के कुछ घंटे ऐसे होते हैं जब सूरज की किरणें सीधे और सबसे तीखी होती हैं। इस दौरान विशेष सावधानी बरतें:

दुपहरी में निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप का पारा सातवें आसमान पर होता है, बहुत जरूरी न हो तो बाहर जाने से बचें।

कपड़ों का चयन: अगर बाहर जाना ही पड़े, तो हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती (Cotton) कपड़े पहनें। सूती कपड़े पसीना सोखते हैं और शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं।

धूप से सुरक्षा: बाहर निकलते समय अपने सिर और चेहरे को टोपी, छतरी या सूती अंगोछे/दुपट्टे से ढकना न भूलें।

खान-पान में बदलाव: भारी भोजन को कहें ‘ना’, मौसमी फलों को कहें ‘हां’

गर्मियों में हमारा पाचन तंत्र थोड़ा धीमा हो जाता है, इसलिए इस मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है:

हल्का और सुपाच्य भोजन: गरिष्ठ और ज्यादा तला-भुना खाने से बचें। कभी भी खाली पेट घर से बाहर कदम न रखें।

पानी से भरपूर फल: अपनी थाली में तरबूज, खीरा, ककड़ी, संतरा और कच्चे प्याज जैसी चीजों को शामिल करें। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है जो शरीर को अंदर से ठंडा रखती है।

कैफीन से दूरी: चाय, कॉफी या अत्यधिक शुगर वाले कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट (पानी की कमी) करते हैं।

लक्षणों को पहचानें: तुरंत करें प्राथमिक उपचार

डॉ इस्तेयाक अहमद बताते हैं कि कई बार सावधानी के बाद भी लू की चपेट में आने का खतरा रहता है। ऐसे में लक्षणों की समय पर पहचान जान बचा सकती है:

ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान: अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना, तेज बुखार, या त्वचा का एकदम लाल और ड्राई हो जाना लू के मुख्य लक्षण हैं।

तुरंत करें ये काम: यदि किसी में ये लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत धूप से हटाकर किसी ठंडी या छायादार जगह पर बैठाएं या लेटाएं। उनके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें और हवा करें। हालत में सुधार न होने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।

जिले के प्रसिद्ध अल-सहारा हॉस्पिटल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. इस्तेयाक अहमद अपनी बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। डॉ. इस्तेयाक अहमद (एम.बी.बी.एस., एम.डी. मेडिसिन, सी.सी.एम.) एक अनुभवी जनरल फिजिशियन और आई.सी.यू. स्पेशलिस्ट हैं।

उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS) से पूर्व मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्य किया है और फेलोशिप क्रिटिकल केयर मेडिसिन की योग्यता हासिल की है। डॉ. अहमद मुख्य रूप से शुगर, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, न्यूरो (मस्तिष्क) विशेषज्ञ होने के साथ-साथ हड्डी से संबंधित गंभीर बीमारियों और समस्याओं का विशेषज्ञ इलाज कर रहे हैं। अल-सहारा हॉस्पिटल हुसैनगंज, उसका रोड, सिद्धार्थनगर में स्थित है जहाँ मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।