📅 Published on: May 28, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर।
जिले भर में त्याग, समर्पण और आपसी सौहार्द का प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार बेहद अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही विभिन्न कस्बों और ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों व ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हर तरफ अमन-चैन और भाईचारे की दुआएं मांगी गईं। प्रशासन की कड़ी चौकसी और मुस्तैदी के चलते पूरा त्योहार शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।
ईदगाहों में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे अमन के पैगाम
सुबह की ठंडी हवाओं के बीच रंग-बिरंगे और पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग ईदगाहों की तरफ बढ़ते नजर आए। नमाज के वक्त मुख्य ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में भारी भीड़ देखी गई। नमाज संपन्न होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों में पारंपरिक पकवानों का दौर शुरू हुआ और लोगों ने अपने दोस्तों व करीबियों का स्वागत किया। बाजारों में भी त्योहार को लेकर विशेष रौनक दिखाई दी।
सभी धर्मों के लोगों ने दी बधाई, दिखी गंगा-जमुनी तहजीब
इस पावन मौके पर सिद्धार्थनगर की पारंपरिक गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत झलक देखने को मिली। सिर्फ मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि अन्य धर्मों के शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, डॉ चंद्रेश उपाध्याय और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी गले मिलकर अपने भाइयों को ईद की बधाई दी। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस मौके पर समाज में शांति, एकता और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि ऐसे त्योहार समाज को आपस में जोड़ने का काम करते हैं और इन्हें मिलजुलकर ही मनाया जाना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
क्षेत्र के विधायकों, सांसदों, जिला पंचायत अध्यक्षों और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिले के नागरिकों को ईद की विशेष मुबारकबाद दी। उन्होंने जनता के सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए कहा कि ईद का यह त्योहार हमें आपसी प्रेम, त्याग और भाईचारे की सीख देता है। हमें इस संदेश को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
प्रशासन की मुस्तैदी से व्यवस्था रही चाक-चौबंद
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। संवेदनशील इलाकों और सभी प्रमुख ईदगाहों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने खुद मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात का जायजा लिया। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी गई, जिससे किसी भी तरह की अफवाह न फैल सके। प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के आपसी सहयोग से पूरा पर्व शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।